REVIEW: ‘बाला’ देखकर करने लगेंगे खुद से प्यार, कम बजट में मिला बेहतरीन कंटेंट

फिल्म ‘बाला ‘धमाकेदार एंट्री के साथ रिलीज हो गई है। ‘बाला’ एक ऐसी फिल्म है, जो कम बजट में दर्शकों को बेहतरीन कंटेट दे रही है। फिल्म की स्क्रिप्ट दर्शकों को पसंद आ रही है।कई कंट्रोवर्सी मे फसी आयुष्मान, भूमि और यामी गौतम की ‘बाला’ लिक से हटकर है।

जयपुर:  फिल्म ‘बाला ‘धमाकेदार एंट्री के साथ रिलीज हो गई है। ‘बाला’ एक ऐसी फिल्म है, जो कम बजट में दर्शकों को बेहतरीन कंटेट दे रही है। फिल्म की स्क्रिप्ट दर्शकों को पसंद आ रही है।कई कंट्रोवर्सी मे फसी आयुष्मान, भूमि और यामी गौतम की ‘बाला’ लिक से हटकर है। फिल्म की शुरुआत में बालों की अहमियत पर जोर डाला जाता है।घने, सुनहरे और काले बाल, आपकी जिंदगी में कितना अहमियत रखते हैं, इसका अंदाज़ा बाला को देखकर चलता है। ‘बाला’ की कहानी गुदगुदाने के साथ खुद से प्यार करना भी सिखाती है।

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कहानी

बाला’ की कहानी बाल मुकुंद शुक्ला यानि बाला की स्कूल लाइफ से शुरु होती है, जिसको अपने बाल और लुक्स पर घमंड होता है। बाला शाहरुख खान का बहुत बड़ा फैन है और लतिका (भूमि पेडनेकर) को उसके काले रंग की वजह से पसंद नहीं करता। लतिका के मन में बाला को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर होता है, लेकिन दोनों में लड़ाई के अलावा कोई बात नहीं होती। दोनों का यही रवैया जवान होने तक भी रहता है। बाला फेयरनेस क्रीम की कंपनी में काम करता है और लतिका वकील बन जाती है, लेकिन बड़े होने पर बाला के बाल झड़ने लगते हैं। इसको वह लेकर परेशान रहता है। बाल झड़ने की वजह से उसका कॉन्फिडेंस लो होने लगता है। विग पहनकर बाला बाहर की दुनिया को फेस करता है।
बाला और परी (यामी गौतम) के बीच काम के सिलसिले को लेकर मुलाकात होती है। दोनों एक-दूसरे से प्यार होता हैं। उनकी शादी भी हो जाती है। शादी के बाद परी को बाला की सच्चाई पता चलती है और वह उसे छोड़कर चली जाती है।परी के बाद बाला को लतिका को प्रपोज करता है। लतिका ने प्रपोजल एक्सेप्ट करती है। उसके बाद दोनों की शादी होती है या कुछ और… ये जानने के लिए पूरी फिल्म देखनी होगी।

 

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निर्देशन , अभिनय व संवाद
अमर कौशिक ने ‘बाला’ को डायरेक्ट किया है, ‘स्त्री’ फिल्म को डायरेक्ट करने के बाद अमर कौशिक ने एक बार फिर अपने टैलेंट से सबको हतप्रभ कर दिया है। इस फिल्म छोटी-छोटी बारीकियों का ध्यान रखा गया है। एक और खास बात ये है कि फिल्म में गंजे लड़के और काली लड़की की ज़िंदगी की कहानी को अलग-अलग दिखाकर भी बेहद सहजता से कनेक्ट किया है। आयुष्मान खुराना, भूमि पेडनेकर, यामी गौतम, सौरभ शुक्ला, सीमा पाहवा और जावेद जाफरी से लेकर उनके छोटे भाई का किरदार निभाने वाले धीरेंद्र कुमार गौतम इन सभी एक्टर्स की एक्टिंग, इस फिल्म की जान है। ‘हेयर लॉस नहीं, आईडेंटिटी भी लॉस हो रहा है हमारा..’, ‘हम तो एकता कपूर का सीरियल हैं, जो बस चलता ही रहेगा…’ फिल्म का एक-एक डायलॉग आपको हंसने पर मजबूर कर देगा।

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संगीत
इस फिल्म की सफलता के लिए उसकी कहानी इतनी इंट्रेस्टिंग है कि गानों की जरूरत ही नहीं है, लेकिन इसके बाद भी जो गाने है वो सभी अच्छे हैं। बेहतरीन स्क्रिप्ट, शानदार एक्टिंग, हंसाने वाले डायलॉग्स, खूबसूरत क्लाइमैक्स
और दूसरों की नहीं, बल्कि खुद की सोच बदलने का मौका इसलिए ये फिल्म जरूर देखें।