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कोरोना से भयानक महामारी का खतराः 2021 भी आसान नहीं, झटकों से रहें सतर्क

2021 के बारे में कई ज्योतिषियों का कहना है कि यह साल बेहतर जाएगा। वहीं कुछ ज्योतिषियों का कहना है कि षटग्रही योग परेशान करेगा लेकिन अच्छे ग्रहों के संयोग से बाद में सब बेहतर ही होगा।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 25 Feb 2021 5:27 PM GMT

कोरोना से भयानक महामारी का खतराः 2021 भी आसान नहीं, झटकों से रहें सतर्क
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साल 2020 कोरोना वायरस के चलते बेहद उथल पुथल भरा रहा। लेकिन भारत में सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण कर लिया गया।
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रामकृष्ण वाजपेयी

लखनऊ: वर्ष 2020 कोरोना वायरस के चलते बेहद उथल पुथल भरा रहा। लेकिन भारत में सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण कर लिया गया। हालांकि अब इसकी वैक्सीन लगना शुरू हो जाने के बाद लोग राहत की सांस ले रहे हैं लेकिन विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि खतरा अभी टला नहीं है। सतर्क रहें। आइए जानते हैं कि भविष्यवक्ता और वैज्ञानिक 2021 में महामारी के खतरे के बारे में क्या कहते हैं।

2021 के बारे में कई ज्योतिषियों का कहना है कि यह साल बेहतर जाएगा। वहीं कुछ ज्योतिषियों का कहना है कि षटग्रही योग परेशान करेगा लेकिन अच्छे ग्रहों के संयोग से बाद में सब बेहतर ही होगा। लेकिन ब्रिटेन के एक लोकप्रिय भविष्यवक्ता क्रेग हेमिल्टन पार्कर ने अन्य बातों के साथ 2021 में एक नए खतरे को लेकर भी चेतावनी दी है।

आइए सबसे पहले यही जानते हैं कि पार्कर ने क्या कहा। पार्कर ने कहा है कि चीन में एक नए वायरस पैदा होगा लेकिन ये वायरस SARS-CoV-2 फैमिली से नहीं होगा। इससे पूरी दुनिया में चीन के खिलाफ आक्रोश उत्पन्न हो जाएगा लेकिन तबाही मचाने से पहले ही इसे कंट्रोल कर लिया जाएगा।

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Coronavirus

निपाह वायरस के फैलने के खतरे के प्रति भी आगाह किया

इसके अलावा कुछ अध्ययनकर्ताओं ने भारत में निपाह वायरस के फैलने के खतरे के प्रति भी आगाह किया है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु दर 75-80 फीसदी तक है। भारत में इसके फैलने की आशंका इस आधार पर जताई गई है क्योंकि 2018 में केरल में करीब 19 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए थे जिसमें 17 की मौत हो गई थी। इस आधार पर यह माना जा रहा है कि इस वायरस में महामारी के रूप में फैलने की क्षमता थी।

जहां तक भारत की बात करें यहां कोरोना की शुरूआत केरल से हुई थी जहां इस बीमारी का पहला मरीज पिछले साल जनवरी में मिला था। लेकिन शुरुआत में अन्य राज्य सरकारों द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उचित कदम नहीं उठाए गए जिसके परिणाम स्वरूप यह फैलता चला गया। बाद में लॉक डाउन कंटेनमेंट जोन और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग सख्ती से लागू कर इस पर काफी हद तक काबू पा लिया गया लेकिन इसमें सभी का पूरा एक साल बर्बाद हो गया।

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कोरोना को खत्म नहीं कर पाएगी वैक्सीन

प्रेडिक्टर क्रेग हेमिल्टन पार्कर का कहना है कि वैक्सीन कोरोना के प्रसार को तो रोकने में कामयाब रहेगी, लेकिन कोरोना को खत्म नहीं कर पाएगी। दूसरे बात जो लोग वैक्सीन नहीं लगवाएंगे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने कोरोना के संबंध में एक अजीबोगरीब बात कही है कि कोरोना खत्म नहीं होगा बल्कि वह ऐसे रूप में आ जाएगा जिसमें वैक्सीन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

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