गणतंत्र दिवस से पहले मोदी सरकार का बड़ा तोहफा: जम्मू कश्मीर को मिला ये…

Published by Shivani Awasthi Published: January 25, 2020 | 10:52 am
Modified: January 25, 2020 | 10:59 am

2G Mobile Internet Services Restored In Jammu Kashmir

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में 5 अगस्त से लागू हुए आर्टिकल 370 (Article 370) को लेकर राज्य में दूरसंचार सेवाओं को बंद कर दिया गया था। अब गणतंत्र दिवस (Republic Day) के ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को तोहफा देते हुए मोबाइल इन्टरनेट (Mobile- Internet) की सुविधा को बहाल कर दिया है। बता दें कि सभी पोस्टपेड़ और प्री पेड़ उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल 2जी सेवा शुरू कर दी गयी है। हालाँकि सोशल मीडिया (Social Media) से जुड़े ऐप पर अभी भी पाबंदी गी हुई है।

केंद्र की मोदी सरकार ने गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले जम्मू कश्मीर की आवाम को बड़ा तोहफा दिया है। लम्बे इंतज़ार के बाद जम्मू कश्मीर में शनिवार की आधी रात से मोबाइल शुरू कर दी गई हैं। अब कश्मीर के लोग 301 वेबसाइट खोल सकेंगे। सभी पोस्टपेड और प्रीपेड सिम कार्ड पर डेटा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सोशल मीडिया से जुड़े ऐप पर अभी भी रोक:

वहीं सोशल मीडिया के कुछ ऐप पर अभी भी प्रतिबंध लगा रहेगा। इसके तहत सोशल मीडिया साइटों तक घाटी के लोगों की पहुंच नहीं होगी और तय वेबसाइटों तक ही उनकी पहुंच हो सकेगी। 301 वेबसाइट खोल सकेंगे, इनमें सर्च इंजन और बैंकिंग, शिक्षा, समाचार, यात्रा, सुविधाएं और रोजगार से संबंधित साइट्स हैं।

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बता दें कि इससे पहले घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवा बहाल करने और जम्मू के दस जिलों और कश्मीर के दो जिलों, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में पहले ही 2 जी मोबाइल डेटा सेवा शुरू करने का फैसला किया गया था।

5 अगस्त से बंद हो गया था इन्टरनेट

गौरतलब है कि भारत के अन्य राज्यों से जम्मू कश्मीर को अलग करने वाले आर्टिकल 370 को 5 अगस्त 2019 कको केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया था। जिसके बाद इसका जमकर विरोध हुआ। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने राज्य में दूरसंचार व्यवस्था पर रोक लगा दी।

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था इंटरनेट शुरू करने का आदेश:

इस बाबत कांग्रेस नेता समेत तमाम लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर संचार सुविधा बहाल करने की मांग की।

internet

जिसपर इंटरनेट शुरू करने का आदेश जारी करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा, ‘कश्मीर में अभिव्‍यक्ति की आजादी सबसे अहम है। बहुत जरूरी होने पर तय समय के लिए ही इंटरनेट बंद किए जाने चाहिए, लेकिन अनिश्चितकाल के लिए इंटरनेट को बंद नहीं किया जा सकता है।’

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