भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को कारोबारियों से न जोड़ें: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2020 से पहले सोमवार को देश के 10 दिग्गज कारोबारियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कारोबारियों से अर्थव्यवस्था के समक्ष मुद्दों तथा ग्रोथ को बढ़ावा देने और रोजगारों का सृजन करने के उपायों पर चर्चा की।

Published by Dharmendra kumar Published: January 6, 2020 | 10:25 pm

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2020 से पहले सोमवार को देश के 10 दिग्गज कारोबारियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कारोबारियों से अर्थव्यवस्था के समक्ष मुद्दों तथा ग्रोथ को बढ़ावा देने और रोजगारों का सृजन करने के उपायों पर चर्चा की। यह बैठक दोपहर बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित की गई।

मोदी ने इंडिया इंक में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल, महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा, टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी, टीवीएस के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और एलएंडटी के अध्यक्ष ए.एम. नाईक तथा अन्य की बातें सुनीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। बजट में सबकी नजर विकास दर को बढ़ावा देने के उपायों पर होगी।

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इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य इस दशक का महज एक पड़ाव है और हमारे लक्ष्य और बड़े हैं। उन्होंने कहा कि आईबीसी ईमानदार उद्यमियों का भविष्य बचाने का कानून है और इससे इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित श्रम संहिता से मजदूरों तथा उद्योगपतियों दोनों को लाभ होगा। कुछ बेईमान और भ्रष्टाचारी लोगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को उद्योगपतियों के खिलाफ बताना दुष्प्रचार है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्यमियों की क्षमता को कम करके आंकना सही नहीं है। जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट पर अमल करते हुए उत्पाद बनाने होंगे तभी हमारा निर्यात बढ़ सकता है।

पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट की सफलता पर कहा, ‘वित्त वर्ष 2018-19 में यूपीआई से करीब नौ लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और इस वित्त वर्ष में दिसंबर तक ही यह आंकड़ा 15 लाख करोड़ रुपये है।

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