तीनों सेना तैयार: हाई अलर्ट हुआ जारी, कमांडर को किया गया फ्री-हैंड

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गए हैं। बीते पांच सालों से भी अधिक समय में सैन्य टकराव की वजह से बॉर्डर पर तनाव अब और भी ज्यादा हो गया है।

Published by Vidushi Mishra Published: June 17, 2020 | 3:01 pm

नई दिल्ली। गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गए हैं। बीते पांच सालों से भी अधिक समय में सैन्य टकराव की वजह से बॉर्डर पर तनाव अब और भी ज्यादा हो गया है। बीते दिन एलएसी पर हुए इस हिंसात्मक झड़प के बाद से सेना, नौसेना और वायुसेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालातों को देखते हुए तीनों सेनाओं से हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

ये भी पढ़ें… चीन को चुकानी होगी बड़ी कीमत, रद हो जाएगा करोड़ों का ये प्रोजेक्ट

आईटीबीपी की कई टुकड़ियां भेजी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोकल कमांडर को फ्री हैंड कर दिया गया है, जिससे इस समय के हालातों को देखते हुए वो तुंरत एक्शन ले पाए। इसके साथ ही सूत्रों का ये भी कहना है कि अब आईटीबीपी को आर्मी कंट्रोल में दिया जा सकता है। वहीं उत्तराखंड के जोशीमठ में सेना का मूवमेंट बढ़ गया है, सीमा पर आईटीबीपी की कई टुकड़ियां भेजी गई हैं।

ये भी पढ़ेंं…हादसे से दहला UP: 41 मजदूरों से भरी बस हुई बेकाबू, मातम में बदला सफर

सूत्रों से ये भी बताया गया है कि इस घटना में चीन का भी एक कमांडिंग अफसर मारा गया है, जो कि झड़प की अगुआई कर रहा था।

कोई बयान जारी नहीं किया

सीमा के पास हुए हिंसक झड़प के बाद बड़ी संख्या में एंबुलेंस, स्ट्रेचर पर घायल और मृत चीनी सैनिकों को ले जाया गया। ये भी बताया जा रहा है कि चीन के करीब 40 से अधिक सैनिक हताहत हुए हैं। हालांकि, चीन ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।

हिसंक झड़प के लगभग 36 घंटे बाद पहली बार भारत की तरफ से बयान जारी हुआ। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ मीटिंग की।

ये भी पढ़ेंं…अंग्रेजों ने बोये थे झगड़े के बीज

शहादत को कभी नहीं भूलेगा

देश के रक्षा मंत्री ने उसके बाद कहा, ‘गलवान में सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया। देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा। शहीदों के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है।’

लेकिन अभी भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत को रोक दिया गया है। रक्षा मंत्री ने नियंत्रण रेखा पर हालात की समीक्षा की है।

इसके साथ ही भारतीय सेना को एलएसी पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी बातचीत की है। हालांकि इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

ये भी पढ़ेंं…भारत से डरा पाकिस्तान: सेना ने कर दी इनकी हालत खराब, थे घुसपैठ की फिराक में

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App