आजम खान पर बड़ी कार्रवाई, यूनिवर्सिटी से हटेगा अवैध कब्जा, चुकाने होंगे 3 करोड़

समाजवादी पार्टी के सांसद और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सपा सांसद को अब एक और बड़ा झटका लगा है। उपजिलाधिकारी ने जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है।

कैसे फसते चले गए आजम खां, पढ़िये पूरी रिपोर्ट

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के सांसद और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सपा सांसद को अब एक और बड़ा झटका लगा है। उपजिलाधिकारी ने जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है। साथ ही आजम खान को क्षतिपूर्ति के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार व कब्जा मुक्त होने तक 9,10,000 प्रति माह की दर से 15 दिन के अंदर वादी लोक निर्माण विभाग को देने के आदेश दिए हैं।

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यह है पूरा मामला

दरअसल सींगन खेड़ा से लालपुर डैम तक लोक निर्माण विभाग ने करीब 11.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया है। इसके निर्माण पर 17 करोड़ 16 लाख रुपए खर्च हुआ थे। इसमें से करीब 3.30 किलोमीटर सड़क आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर से होकर गुजरती है।

इस सड़क पर जौहर यूनिवर्सिटी ने गेट बना लिया है। इस गेट की वजह से ग्रामीणों का मार्ग बंद हो गया जिसके वजह क्षेत्र के लोगों ने मांग की कि उनका रास्ता खुलवाया जाए। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर मार्ग से निर्माण हटाने को था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हाईकोर्ट पहुंच गया।

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लोक निर्माण विभाग की शिकायत पर रामपुर की एसडीएम कोर्ट ने सरकारी सड़क से आजम खान को 15 दिन के भीतर अपना कब्जा हटाने का आदेश दिया है। आजम खान को इस सड़क पर बना अपनी यूनिवर्सिटी का गेट हटाना होगा और इस सार्वजनिक सड़क का कब्जा लोक निर्माण विभाग को देना होगा।

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बता दें कि पहले ही जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीनें कब्जाने के आरोप में फंसे आजम खान को प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया है। सपा नेता के खिलाफ बीते एक सप्ताह में करीब 30 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसी सिलसिले में जिला प्रशासन ने आजम के खिलाफ कार्रवाई की है। एसडीएम की तरफ से उनका नाम ऐंटी-भू माफिया पोर्टल में भी दर्ज कर लिया गया है।