बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था, धारा 370 देश में आतंकवाद का कारण बनेगीः योगी

बिहार के दौरे पर पहुंचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब आंबेडकर ने 1952 में कांग्रेस की सरकार द्वारा देश के संविधान में धारा 370 को जोड़ते समय ही कहा था कि धारा 370 देश में आतंकवाद का कारण बनेगी

गया (बिहार)। बिहार के दौरे पर पहुंचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने 1952 में कांग्रेस की सरकार द्वारा देश के संविधान में धारा 370 को जोड़ते समय ही कहा था कि धारा 370 देश में आतंकवाद का कारण बनेगी और आंबेडकर की बात सही साबित हुई। इसे हटाने के लिए कोई सरकार हिम्मत नहीं कर पाई लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर से धारा 370 को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।

नागरिकता संशोधन कानून को नकारने का मतलब बाबा साहब आंबेडकर का अपमान

उन्होंने कहा कि अब तो पाकिस्तान को इस बात की चिंता है कि कहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत के हिस्से में न चला जाए और पाकिस्तान का फिर से विभाजन न हो जाए। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में इमर्जेंसी लागू की, संविधान का गला घोंटने का काम किया वो कांग्रेस आज संविधान की दुहाई देकर सीएए को नकारने का कार्य कर रही है। इस कानून और देश के संविधान को नकारने का मतलब बाबा साहब आंबेडकर का अपमान है।

पाकिस्तान में हिंदुओं को मारा गया, भगाया गया और उनका धर्मांतरण किया गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर ज़ोरदार हमला करते हुए कहा कि 1947 में हुए देश के विभाजन की जिम्मेदार कांग्रेस है। कांग्रेस की सत्ता पाने की लालसा देश के विभाजन का कारण बनी। 1947 से लेकर आज तक बढ़ती मुस्लिम आबादी से किसी को आपत्ति नहीं हुई और आबादी इसलिए बढ़ पाई क्योंकि उन्हें भारत में विशेषाधिकार और सुविधाएं दी गईं। दूसरी तरफ पाकिस्तान में आज़ादी के समय 23 प्रतिशत हिंदू आबादी थी और आज वहां हिंदुओं की आबादी मात्र 1 प्रतिशत रह गई है। यह हिंदू मार दिए गए, भगा दिेए गए या इनका धर्मांतरण कर दिया गया। यही पाकिस्तान की सच्चाई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश में अल्पसंख्यकों की रक्षा करने के लिए समझौता भी किया गया। भारत ने समझौते का पालन किया लेकिन पाकिस्तान ने नहीं निभाया।

कोई दूर से इशारा कर भारत की तरक्की रोकना चाहता है

मुख्यमंत्री योगी ने सीएए के बारे में बताते हुए कहा कि यह कानून नागरिकता देने के लिए है, किसी की नागरिकता लेने के लिए नहीं। इस कानून से भयभीत होने की किसी को भी ज़रूरत नहीं है। यह कानून किसी मज़बह, मत, जाति, भाषा या क्षेत्र का विरोधी नहीं है। इस कानून को संशोधित स्वरूप में लाने के लिए प्रधानमंत्री नेरेद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का अभिनंदन होना चाहिए था लेकिन विपक्ष के द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के कारण आज मु्ट्ठी भर लोगों के द्वारा धरना, प्रदर्शन और आगजनी करने के कुत्सित प्रयास हो रहे हैं। समाज को इसके प्रति जागरूक होना होगा क्योंकि यह तार बहुत दूर तक जुड़े हुए हैं। कोई दूर से इशारा कर के भारत की तरक्की को रोकना चाहता है।

देश की ताकत का एहसास मोदी ने पूरी दुनिया को कराया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आतंकवादियों द्वारा हमला हुआ था तब कांग्रेस ने कहा था कि पाकिस्तान पर हमला नहीं कर सकते क्योंकि पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं। फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर में एक आतंकी घटना के बाद देश के जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों का सफाया किया था उसके बाद पाकिस्तान की भाषा ही बदल गई थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को यह डर था कि कहीं भारत हम पर हमला न कर दे। यह है देश की ताकत जिसका एहसास मोदी जी ने पूरी दुनिया को कराया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकता कानून भारत की उस परम्परा का हिस्सा है जिसमें हम शरण में आए हुए की रक्षा करते हैं। घुसपैठियों को निकालने और शरणार्थियों की रक्षा करने का काम भारत सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मकान, रसोई गैस के कनेक्शन, किसान सम्मान निधि, विद्युत कनेक्शन आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख तक का इलाज देते समय किसी से जाति, मजहब, क्षेत्र या भाषा नहीं पूछी तो किस बात का आरोप उन पर लग रहा है।

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देश के खिलाफ जो लोग गद्दारी कर रहे हैं वो पाप कर रहे हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक ओर जहां बाबा साहब आंबेडकर को भारत रत्न मिला वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व कानून मंत्री जोगेंद्रनाथ मंडल ने जिन्ना के बहकावे में आकर पाकिस्तान का समर्थन किया जिसका खामियाज़ा उन्हें भुगतना पड़ा। भारत के विभाजन का समर्थन करने वाले जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान में रह रहे हिंदू, दलित, बौद्ध, जैसे अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्याचार और स्वयं के साथ होने वाले भेदभाव से इतने दुखी हुए कि 1950 में वो इस्तीफा देकर भारत आ गए और उन्होंने भारत में शरणार्थी का जीवन व्यतीत किया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ जो लोग गद्दारी कर रहे हैं वो पाप कर रहे हैं। इस पाप का खामियाज़ा उन्हें गुमनाम जीवन व्यतीत करते हुए भुगतना होगा।