बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने की सुप्रीम कोर्ट से ये बड़ी मांग, कहा- मस्जिद…

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर फैसला सुना दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन को रामलला को दे दिया है। तो वहीं मुस्लिम पक्ष को सरकार से 5 एकड़ जमीन देने को कहा है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर फैसला सुना दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन को रामलला को दे दिया है। तो वहीं मुस्लिम पक्ष को सरकार से 5 एकड़ जमीन देने को कहा है। अब इस बीच बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।

उनसे कोर्ट से मांग की है कि मस्जिद के अवशेष समिति को दी जाए। एक रिपोर्ट में बाबरी एक्शन कमेटी के सूत्रों के हवाले से कहा कि बाबरी मस्जिद का हिस्सा अभी भी वहां मौजूद है।

बाबरी एक्शन कमेटी ने अयोध्या राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई के दौरान कभी इस बात का जिक्र नहीं किया कि आखिर मस्जिद के अवशेष का क्या होगा? लिहाजा जब अवशेष को हटाया जाए तो उन्हें अवशेष सौंप दिया जाए।

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बाबरी एक्शन कमेटी अयोध्या में राम जन्मभूमि मामले में क्यूरेटिव पीटिशन भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी। क्यूरेटिव पीटिशन के साथ एक अर्जी लगाई जाएगी, जिसमें बाबरी मस्जिद के अवशेष सौंपने की मांग भी की जाएगी।

इससे पहले 2 दिसंबर को राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में पहली पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। पक्षकार एम सिद्दीकी ने कोर्ट में 217 पन्नों की पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। उन्होंने मांग की थी कि संविधान पीठ के आदेश पर रोक लगाई जाए, जिसमें कोर्ट ने विवादित जमीन को राम मंदिर के पक्ष दिया था।

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सिद्दीकी समेत इस फैसले पर कुल 18 याचिकाएं दाखिल की गई थी। मामले में 9 याचिकाएं पक्षकार की ओर से, जबकि 9 अन्य याचिकाकर्ता की ओर से लगाई गई थी। हालांकि 12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने अयोध्या मामले में दाखिल सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

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बंद चैंबर में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने 18 अर्जियों पर सुनवाई की और सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं। इस मामले में 9 याचिकाएं पक्षकार की ओर से, जबकि 9 अन्य याचिकाकर्ता की ओर से लगाई गई थी।