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NCRB की रिपोर्ट: पानी से सस्ती यहां आदमी की जान, हैरान कर देंगे मौत के ये आंकड़े

एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि बिहार में वर्ष 2016 में 2581, वर्ष 2017 में 2803, वर्ष 2018 में 2934 और वर्ष 2019 में 3138 लोगों का मर्डर हुआ। जिसमें कई ऐसे भी मामले दर्ज हैं, जिनका पुलिस आजतक खुलासा ही नहीं कर पाई।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 28 Nov 2020 7:53 AM GMT

NCRB की रिपोर्ट: पानी से सस्ती यहां आदमी की जान, हैरान कर देंगे मौत के ये आंकड़े
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इस रिपोर्ट के जरिये बिहार में हत्या के कई कारणों का पता चला हैं। डकैती के दौरान 26 लोगों की हत्या कर दी गई, जबकि 15 लोगों का डायन बताकर मार डाला गया।
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नई दिल्ली: प्राकृतिक सम्पदाओं की वैसे तो बिहार में कोई कमी नहीं है। खेती और पीने के पानी के अलावा दूसरे कार्मों के लिए भी यहां पर नदियों, नहरों और तालाबों की भरमार है।

यहां पर शायद ही कोई होगा जिसको अपनी जरूरत के लिए पानी नसीब न हो पाता हो। लेकिन हैरान कर देने वाली बात ये कि आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यहां पानी के झगड़े में पिछले साल देशभर में सबसे अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

यहां पर जमीन के झगड़े, आपसी विवाद और मामूली कहासुनी के विवाद में हर साल प्रदेश में में सैकड़ों लोगों की हत्याएं हो रही हैं।

ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि एनसीआरबी के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। अगर हम एनसीआरबी की रिपोर्ट पर गौर करें तो 2019 में बिहार एक ऐसा राज्य रहा, जहां देश में सबसे अधिक लोगों की हत्या पानी के विवाद के चलते हुई।

सिक्किम में 13 और महाराष्ट्र में सात लोगों की हत्याओं के बाद बिहार का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां एक साल में 44 लोगों को पानी के विवाद में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।

वहीं प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध के आंकड़ों को मिला दिया जाए, तो हर दिन कम से कम एक की हत्या हो रही है। वहीं बदला लेने के मकसद से 547 लोगों की हत्याएं हुई हैं।

farmer NCRB की रिपोर्ट: पानी से सस्ती यहां आदमी की जान, हैरान कर देंगे मौत के ये आंकड़े (फोटो:सोशल मीडिया)

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साल दर साल बढ़ते गये हत्या के मामले

अगर हम नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट पर गौर करें तप पाएंगे कि बिहार में साल दर साल हत्या के मामले लगातार बढ़ते ही चलें जा रहे हैं के आंकड़े बता रहे हैं।

एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि बिहार में वर्ष 2016 में 2581, वर्ष 2017 में 2803, वर्ष 2018 में 2934 और वर्ष 2019 में 3138 लोगों का मर्डर हुआ। जिसमें कई ऐसे भी मामले दर्ज हैं, जिनका पुलिस खुलासा ही नहीं कर पाई। उनकी हत्या के पीछे असली वजह क्या रही, यह आज तक किसी को भी मालूम ही नहीं हो पाया।

यूपी के बाद बिहार में सबसे अधिक हत्या

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में प्रेम प्रसंग में यूपी में 385 तो बिहार में 270 लोगों का मर्डर हुआ। जबकि 101 लोगों की हत्या अवैध संबंध के मामले में हुई। इसमें पटना में प्रेम प्रसंग में नौ तो अवैध संबंध में चार को मौत के घाट उतार दिया गया।

murder मर्डर (फोटो-सोशल मीडिया)

रोड रेज और जातिवाद के चक्कर में गई कइयों की जान

इस रिपोर्ट के जरिये बिहार में हत्या के कई कारणों का पता चला हैं। डकैती के दौरान 26 लोगों की हत्या कर दी गई, जबकि 15 लोगों का डायन बताकर मार डाला गया।

रुपये के लिए 143 लोग मारे गए तो वहीं रोड रेज में तीन की मौतें हुई। जातिवाद में चार लोगों की जान गई गया और राजनीतिक कारणों से छह लोगों का मर्डर हुआ। यहां तक की सांप्रदायिक हिंसा में सात लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

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चिंता पैदा करते हैं ये आंकड़े

-पानी के लिए 44 लोगों की हत्या ( टॉप पर बिहार)

-240 लोगों की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई

-547 लोगों की प्रतिशोध में गई जानें

-101 को अवैध संबंध में मारा डाला

-15 को डायन और डकैती में 26 हत्या

एनसीआरबी के आंकड़े

हत्या कारण

1215 - विवाद

782 -भूमि विवाद

235 -पारिवारिक विवाद

11 - मामूली विवाद

143 -रुपये के लिए

547 - प्रतिशोध में

519 - लाभ के लिए

26 - डकैती के दौरान

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