विरोध के बावजूद पूरे देश में CAA लागू, सरकार ने जारी कर दिया नोटिफिकेशन

Published by suman Published: January 11, 2020 | 12:24 pm

नईदिल्ली:  नागरिकता संशोधन कानून देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने 10 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र में प्रकाशन) के जरिए इस कानून के लागू होने की अधिसूचना जारी की। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।

सीएए कानून की धारा की उप धारा(2) के तहत केंद्र सरकार ने 10 जनवरी, 2020 से इस कानून को लागू करने का निश्चय किया है। नए नागरिकता कानून को संसद से 11 दिसंबर को पारित किया गया था। सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी के रूप में नहीं देखा जाएगा।

 

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इन 3 पड़ोसी इस्लामिक देशों में धर्म के आधार पर प्रताडि़त किए गए इन अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। इस कानून के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। इस कानून का विरोध करने वालों का कहना है कि पहली बार भारत में नागरिकता का आधार धर्म होगा।

 

हालांकि केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ दल भाजपा इस कानून का जमकर बचाव करते रहे हैं। उनका कहना है कि इन तीन पड़ोसी देशों से आए लोगों को धार्मिक आधार पर प्रताडि़त किया जाता रहा है। इन लोगों के पास अपनी जान और सम्मान बचाने के लिए भारत आने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। हालांकि गृह मंत्रालय को इस कानून के संबंध में अभी नियम आदि तय करने बाकी हैं।

यहां नहीं होगा लागू

नागरिकता संशोधन कानून का पूर्वोत्तर में जबरदस्त विरोध देखा गया। असम, मेघालय समेत कई राज्यों में लोग सड़कों पर उतर आए। हालांकि सरकार ने कानून लागू करते वक्त ऐलान किया कि मेघालय, असम, अरुणाचल, मणिपुर के कुछ क्षेत्रों में कानून लागू नहीं होगा। केंद्र सरकार ने यहां इनर लाइन परमिट जारी किया है। इसकी वजह से ये नियम यहां लागू नहीं होंगे। इनर लाइन परमिट एक यात्रा दस्तावेज है, जिसे भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए जारी करती है, ताकि वो किसी संरक्षित क्षेत्र में निर्धारित वक्त के लिए यात्रा कर सकें।

 

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