कर्ज में है सरकार: एयर इंडिया का बकाया है करोड़ों रुपये, RTI में हुआ बड़ा खुलासा

सरकार पर वीवीआईपी (VVIP) चार्टर्ड फ्लाइट्स के 822 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार ने एयर इंडिया को पिछले साल नवम्बर, 2019 तक ली गई VVIP चार्टर्ड फ्लाइट्स सेवाओं के लिए अभी तक 822 करोड़ रुपये नहीं दिए हैं।

Published by Shreya Published: February 7, 2020 | 11:17 am

कर्ज में है सरकार: एयर इंडिया का बकाया है करोड़ों रुपये, RTI में हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: आरटीआई (RTI) में यह खुलासा हुआ है कि सरकार पर एयर इंडिया की वीवीआईपी (VVIP) चार्टर्ड फ्लाइट्स के 822 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार ने एयर इंडिया को पिछले साल नवम्बर, 2019 तक ली गई VVIP चार्टर्ड फ्लाइट्स सेवाओं के लिए अभी तक 822 करोड़ रुपये नहीं दिए हैं। इसके अलावा सरकार ने बचाव अभियान 12.65 करोड़ रुपये और विदेशी मेहमानों को लाने और ले जाने के लिए 9.67 करोड़ रुपये भी नहीं दिए हैं।

एयरलाइन ने कमांडर बत्रा को दी जानकारी

यह जानकारी एयरलाइन्स ने बुधवार को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत रिटायर्ड कमांडर लोकेश बत्रा को दी है। बता दें कि एयर इंडिया VVIP चार्टर्ड फ्लाइट्स सर्विसेज के तहत देश के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को विमान सेवाएं उपलब्ध करवाती है और इन सेवाओं के लिए बिल का पेमेंट विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किया जाता है।

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कमांडर बत्रा ने मांगा था ब्यौरा

दरअसल, रिटायर्ड कमांडर लोकेश बत्रा द्वारा एयर इंडिया से VVIP चार्टर्ड फ्लाइट्स के साथ-साथ विभिन्न सरकारी अधिकारियों पर बकाया राशि का ब्यौरा मांगा गया था। कमांडर बत्रा ने एयर लाइन्स से सरकार पर बकाया राशि की जानकारी बिल और इनवाइस के साथ उपलब्ध कराने को कहा था।

सरकारी अधिकारियों के क्रेडिट पर 526.14 करोड़ बकाया

एयर इंडिया ने जानकारी दी कि मार्च 2019 तक सरकारी अधिकारियों पर जारी टिकटों के लिए 526.14 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से 236.16 करोड़ रुपये का पिछले तीन सालों से भुगतान नहीं किया गया है। वहीं पैसे की रिकवरी न होने की संभावना पर बकाया राशि पर 281.82 करोड़ रुपये का अकाउंटिंग चार्ज (Accounting charge) भी लगाया गया है। बता दें कि बीते दिनों घाटे से बेहाल सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने सरकारी एजेंसियों को बकाया राशि का भुगतान न होने पर क्रेडिट पर टिकट जारी करने से मना कर दिया था।

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100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

वहीं सरकार ने पहले ही कर्ज के बोझ तले दबी एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान कर दिया है। बता दें कि सरकार ने एयर इंडिया में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगाई है। वहीं सफल बोली लगाने वाले को एयरलाइन का मैनेजमेंट कंट्रोल भी ट्रांसफर किया जाएगा। एयर इंडिया के लिए बोली लगाने की अंतिम तिथि 17 मार्च, 2020 रखी गई है।

एयर इंडिया पर है 60,000 करोड़ रुपए का कर्ज

सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया पर कुल 60,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। शर्तों के मुताबिक, खरीदार को एयरलाइन के सिर्फ 23,286.5 करोड़ रुपए के कर्ज की जिम्मेदारी लेनी होगी। बाकी के कर्ज यानि की करीब 37,000 करोड़ रुपए के कर्ज की जिम्मेदारी सरकार खुद लेगी।

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