देश में यहां मुर्गियां दे रही हैं हरा अंडा, वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप

संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ । अंडे  में कितने पौष्टिक होते  हैं। इसे हर किसी को खाना चाहिए। आज तक बाहर से सफेद और अंदर से पीली जर्दी वाले ही अंडे देखे और खाने को मिलते हैं लेकिन केरल के फार्म में मुर्गियां आज-कल हरी जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। ऐसे में हरा अंडा देखकर हर कोई हैरान है। लोग इन्‍हें खरीदने के लिए परेशान है।

Published by suman Published: May 27, 2020 | 9:54 am
Modified: May 27, 2020 | 9:56 am

मल्लापुरम: संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ । अंडे  में कितने पौष्टिक होते  हैं। इसे हर किसी को खाना चाहिए। आज तक बाहर से सफेद और अंदर से पीली जर्दी वाले ही अंडे देखे और खाने को मिलते हैं लेकिन केरल के फार्म में मुर्गियां आज-कल हरी जर्दी वाले अंडे दे रही हैं। ऐसे में हरा अंडा देखकर हर कोई हैरान है। लोग इन्‍हें खरीदने के लिए परेशान है।

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बता दें  यह घटना केरल मल्लापुरम  के कोट्टाकल में स्थित ने शिहाबुद्दीन शहाबुद्दीन पॉल्‍ट्री फार्म में हो रही है। यहां सात मुर्गियां ऐसी हैं जो हरी जर्दी वला अंडा देती हैं, जबकि सामान्‍य अंडों में जर्दी का रंग पीला होता है। खबरों के अनुसार, यह मुर्गियां सामान्‍य से थोड़ी छोटी हैं। इसके अलावा इनमें कुछ खास नहीं है। अंडों की जर्दी का हरा रंग नहीं बदलता फिर चाहे वो कच्‍चा अंडा हो या पका हुआ।  यह सब केरल के इस फार्म में 9 महीने पहले शुरू हुआ था। तब एक मुर्गी ने हरे रंग की जर्दी वाले अंडे देना शुरू किया था। इसके बाद फार्म के मालिक शहाबुद्दीन ने कुछ अंडों से चूजे निकलने का इंतजार किया, ताकि अगर कुछ अलग हो तो देखा जा सक। लेकिन इसमें कुछ अलग नहीं दिखा था।

 

 

 

 

शिहाबुद्दीन ने बताया कि कुछ हफ्तों पहले उसने हरे अंडे की जर्दी वाले वीडियो और फोटोज को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। इसके बाद ये तेजी से वायरल होने लगीं। केरल के एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने कहा कि यह मुर्गी के खानपान की वजह से ऐसा हुआ है।

अगर उसके खाने-पीने की चीजों में हरे रंग के खाद्य पदार्थ ज्यादा हैं तो ऐसा हो सकता है यूनिवर्सिटी के पोल्ट्री साइंस विभाग में एसिसटेंट प्रोफेसर डॉ. एस. शंकरलिंगम ने बताया कि इससे साफ तौर पर स्पष्ट है कि मुर्गियों को किस तरह का खाना दिया जाता है। यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने शिहाबुद्दीन से वो खाना मांगा जो मुर्गियों को दिया जा है। सके बाद यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को खाने की जांच के बाद शिहाबुद्दीन से कहा कि इसे मुर्गियों को दें। शुरुआत में उसे खाने के बाद मुर्गियों ने जो अंडे दिए वो हरे रंग की जर्दी वाले थे। लेकिन दो हफ्ते बाद जर्दी का रंग पीला होने लगा। सके बाद यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को खाने की जांच के बाद शिहाबुद्दीन से कहा कि इसे मुर्गियों को दें। शुरुआत में उसे खाने के बाद मुर्गियों ने जो अंडे दिए वो हरे रंग की जर्दी वाले थे। लेकिन दो हफ्ते बाद जर्दी का रंग पीला होने लगा।

 

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शहाबुद्दीन का मानना है कि ऐसा पॉल्‍ट्री में मुर्गियों को दिए जाने वाले खानपान के कारण हो सकता है। उनके फार्म में कई प्रजातियों की मुर्गी हैं। उनका यह भी मानना है कि क्रॉस ब्रीडिंग के कारण भी ऐसा हो सकता है।  हालांकि विशेषज्ञ इसकी वैज्ञानिक जांच की मांग कर रहे हैं। हरे रंग की जर्दी वाले अंडों की खबर फैलते ही शहाबुद्दीन के घर के बाहर इन्‍हें खरीदने वालों की लाइन लग गई है। अभी उनके फार्म में 7 मुर्गियां ही ऐसे अंडे दे रही हैं।जबकि उनके फार्म में कुल 20 मुर्गियां हैं। ऐसे में अब वह इन हरे रंग की जर्दी वाले अंडों को प्रोडक्‍शन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।