कोरोना से तबाह हुआ चीन, भारत के पास अर्थव्यस्था सुधारने का सुनहरा मौका

Published by Ashiki Patel Published: March 15, 2020 | 4:39 pm
Modified: March 15, 2020 | 4:52 pm

नई दिल्ली: दुनिया भर में कोरोना का कहर जारी है। भयावह जानलेवा कोरोना का बुरा असर लोगों स्वास्थ्य के साथ-साथ दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कोरोना की वजह से बाजार से पर्यटन तक चारो ओर सुस्ती छाई हुई है। लेकिन इसी बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है।

ये भी पढ़ें: रेडलाइट एरिया पर भी कोरोना का वार, कुछ ही दिनों में हो गया ऐसा हाल

भारत के पास सुनहरा अवसर-

दरअसल इनोवेटिव इंडस्ट्री के लिए बने स्टार्टअप चैंबर का मानना है कि चीन में कोराना वायरस के गंभीर संकट से उत्पन्न परिस्थतियों के मद्देनजर भारत में विभिन्न क्षेत्रों में नए उद्यमों के लिए अच्छे अवसर हैं, जिससे देश वैश्विक विनिर्माण अर्थव्यवस्था के बड़े केन्द्र के रूप में उभर सकता है। ‘चैंबर आफ स्टार्टअप्स’ के महासिचव ज्योतिर्मय जैन ने कहा है कि यह समय भारत के उद्योगों को कच्चे माल के लिये चीन पर अपनी निर्भरता कम करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्यमियों को दवा, खिलौना, केमिकल, टायर और सौर ऊर्जा पैनल उद्योग में निवेश के लिये आगे आना चाहिये।

भारत को मौके का लाभ उठाना चाहिए-

ज्योतिर्मय जैन ने कहा कि दुनिया का चीन से विश्वास उठ रहा है। आने वाले समय में भारत दुनिया के लिए बड़े आकर्षण का केन्द्र बन सकेगा। उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष और रीयल एस्टेट क्षेत्र की संस्था नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि कई क्षेत्र हैं जहां चीन पर भारत जरूरत से ज्यादा निर्भर हो गया। भारत को इन क्षेत्रों में अवसर का लाभ उठाते हुये मजबूती बढ़ानी चाहिये। और इस मौके का लाभ उठाना चाहिये।

ये भी पढ़ें: लॉन्च से पहले ही Hyundai Creta को मिल रही बंपर बुकिंग, कमाल के हैं इसके फीचर्स

उन्होंने कहा कि इन दिनों कच्चे तेल के दाम तेजी से घट रहे हैं। इससे सरकार को अगले छह माह के दौरान विदेशी मुद्रा की काफी बचत होगी। इस बचत का लाभ चुने हुए उत्पादों पर जीएसटी दरों में 25 प्रतिशत तक कटौती के रूप में उद्योगों और उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिये। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था में भी मांग बढ़ेगी।

रियल एस्टेट मार्केट को सहारा-

उन्होंने कहा कि बैंकों को सुस्ती में फंसे उद्योगों को कर्ज के मामले में पुनर्गठन का मौका देना चाहिये और यदि किसी उद्योग की कर्ज भुगतान में ढिलाई दिखती है तो उसे बैंकों की तरफ से एक बार रियायत दी जानी चाहिये। जीएसटी दर में कटौती से रीयल एस्टेट बाजार को भी सहारा मिलेगा। कुछ वर्षों में रीयल एस्टेट बाजार में काफी गिरावट आई है। अब इसे संभलने का अवसर मिलना चाहिये।

ये भी पढ़ें: बंद होगा आपका ATM: RBI ने बदल दिए ये नियम, अभी करें ये काम