भारत की बड़ी जीत, लद्दाख में LAC पर चीनी सेना ने लिया ये फैसला

चीन और भारत के बीच तनाव कम होता दिखा दे रहा है। पूर्वी लद्दाख में चीन की सेनाएं कुछ पीछे हट गई हैं। इससे साफ हो गया है कि भारत की चौतरफा रणनीति कामयाब हो गई है।

नई दिल्ली: चीन और भारत के बीच तनाव कम होता दिखा दे रहा है। पूर्वी लद्दाख में चीन की सेनाएं कुछ पीछे हट गई हैं। इससे साफ हो गया है कि भारत की चौतरफा रणनीति कामयाब हो गई है। 5 मई से ही आक्रामक रुख अपना रही चीन की सेना गलवान घाटी में अपनी जगह से 2 किमी पीछे हट गई है।

बता दें भारत विवाद के जोर पकड़ने के बाद चीन के साथ द्विपक्षीय बातचीत, LAC पर चीन के दबाव में न आकर उसकी सैन्य क्षमता की बराबरी और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का सहारा लिया। यहां के फिंगर फोर क्षेत्र में कई हफ्ते से भारत और चीन की सेना एक दूसरे के सामने डटी हुई हैं। जानकारी के मुताबिक गलवान क्षेत्र में चीनी सैनिक काफी आगे तक आ गए थे जोकि पहले कभी इस स्थान पर कोई विवाद नहीं रहा है।

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6 जून को दोनो देशों के बीच बड़ी बैठक

गलवान घाटी में फोर फिंगर क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच कुछ दिनों से तनाव बना हुआ है। यहां का पैंगोंग क्षेत्र सबसे ज्यादा विवादों में है। 6 जून को दोनो देशों के बीच जो बैठक होने वाली है, उसमें पैंगोंग पर ही ज्यादा फोकस रह सकता है। चीनी सेना फिंगर फोर क्षेत्र में कई हफ्ते से डटी हुई है जो भारत के नियंत्रण में है।

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लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों की बातचीत से पहले चीनी सेना का यह रुख बदलाव एक साकारात्मक संदेश दे रहा है। विवाद शुरू होने के बाद से अब तक दोनों देशों के बीच 10-12 दौर की बातचीत हो चुकी है। बातचीत में चीनी वायु सेना ने लद्दाख के पास आसपास के क्षेत्रों में लड़ाकू विमानों की उड़ानों का मुद्दा भी उठाया गया।

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मई की शुरुआत से ही चल रहा विवाद

पूर्वी लद्दाख में यह विवाद मई की शुरुआत से ही चल रहा है। लद्दाख नें LAC पर भारत की तरफ से सड़क निर्माण का काम किया जा रहा था जिसका चीन ने चीन ने विरोध किया। इसके बाद 5 मई को पंगोंग झील पर दोनों देशों के सैनिकों में झड़प हो गई जिसमें जवान घायल भी हो गए थे। इसके बाद चीन ने इलाके में सक्रियता बढ़ा दी और सैनिकों की तैनाती के साथ ही तंबू भी गाड़ दिए। LAC पर चीन की इस हरकत का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।