भारत को बड़ा झटका: कोरोना से कारोबार ठप, 2.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने केवल जानलेवा है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरा है। कैट की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस भयानक महामारी के कारण सिर्फ 15 दिन में 2.5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है। ऐसे में ये भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट है।

लॉकडाउन से कारोबार जगत बेपटरी

दरअसल, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन घोषित किया है। इस कारण कारोबार जगत बेपटरी हो गया और मात्र 15 दिनों में खुदरा विक्रेताओं को ढाई लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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कैट की रिपोर्ट में बड़ा दावा

इस बात का दावा कैट की रिपोर्ट में किया गया है। कैट यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स भारत के सात करोड़ कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक संगठन है।

हर दिन 14 हजार करोड़ का व्यापार, महामारी से हुआ ठप

कैट के संगठन महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इस बारे में जानकारी दी कि देश के रिटेल बाजार में प्रतिदिन लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होता है। लेकिन इस वैश्विक महामारी के कारण इन व्यापारियों की दुकानें बंद कर दी गई हैं और करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

इतना ही नहीं उन्होंने सम्भावना जताई कि व्यापार की स्थिति और खतरनाक हो सकती है, वहीं अगर समय पर भारतीय रिटेल पटरी पर न आया तो बहुत अधिक नुकसान होगा।

और अधिक नुकसान की संभावनाः

हालाँकि कहा जा रहा है कि कोरोना के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को जितना नुकसान हुआ, उतना भारत को नहीं हुआ। लेकिन यहां के व्यापारियों के लिए भी ये नुक्सान काफी महंगा साबित होगा।

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दुकाने बंद, पर करना पड़ रहा कर्मचारियों का भुगतान

दरअसल, एक तरफ तो लॉकडाउन की वजह से पिछले 15 दिनों से दुकाने-बाजारें बंद है, लेकिन कर्मचारियों का वेतन देना पड़ रहा है। खर्चे और भी हैं, जैसे दुकानों का किराया, टैक्स आदि का भुगतान करना ही पड़ेगा। वहीं आयात में पर्याप्त गिरावट आने के कारण व्यापारियों के पास बेचने के लिए पर्याप्त सामान भी नहीं है।

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