देश में ‘क्यार’ का कहर! हो जाईये सतर्क, हो सकती है बड़ी तबाही-रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोंकण और गोवा और दक्षिण गुजरात के तटीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

नई दिल्ली:  कर्नाटक में तूफ़ान क्यार की वजह से वहां के निवासियों को भारी नुकसान हो सकता है। दिवाली का त्यौहार लोगों के लिए उदासी भरा हो सकता है। महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में कई जगहों पर पिछले कुछ दिनों से बारिश भी हो रही है, जिसका मुख्य कारण अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ है।

तूफ़ान शनिवार सुबह भारत के दक्षिण में रत्नागिरी के तट तक पहुंच गया था। अब जानकारी आ रही है कि चक्रवाती तूफान क्यार आज शाम तक और ज्यादा गंभीर रूप धारण कर सकता है।

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वहीं मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोंकण और गोवा और दक्षिण गुजरात के तटीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका

इसकी वजह से पश्चिमी तट पर भी शनिवार और रविवार को 120-130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार यानी 27 अक्टूबर को कर्नाटक में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जाहिर की है।

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के निदेशक जी. एस. श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम की ओर बढ़ता चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ राज्य के तटीय इलाकों में दस्तक देगा और दो दिनों तक जनजीवन को प्रभावित करेगा।

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तटीय जिलों में रेट अलर्ट

राज्य सरकार ने दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ तटीय जिलों में रेट अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार को स्कूल और कॉलेज बंद रहे और बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। रेड्डी ने कहा कि अगले 24-48 घंटों में दक्षिण आंतरिक, उत्तर आंतरिक इलाकों और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ ‘क्यार’ तबाही मचा सकता है।’

मछुआरों के लिए दिए गए है कड़े निर्देश

रेड्डी ने कहा कि श्रीलंका में मौसम की एक नई स्थिति विकसित हो रही है, लेकिन शायद यह कर्नाटक को उतना प्रभावित न करे, जितना यह केरल और तमिलनाडु को कर सकती है।’ वहीं, सरकार ने एडवाइजरी जारी कर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

वहीं, भारतीय तट रक्षक विभाग का कहना है कि पश्चिमी तट पर बचाव अभियान चलाया जा चुका है। लोगों को बचाने के लिए हर संभावित प्रबंध किए जा रहे हैं, तटरक्षक बोट तैयार हैं।

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मछुआरों को समुद्र तट पर नहीं जाने की चेतवानी

वहीं, महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ के चलते बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के चलते पालघर जिला कलेक्टर कैलाश शिंदे ने मछुआरों को समुद्र तट पर नहीं जाने की चेतवानी दी है। हालांकि उन्होंने कहा कि क्यार का मुंबई पर कोई असर नहीं होगा।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, क्यार चक्रवाती अब ओमान की तरफ जा रही है, इसलिए इसका खतरा कम हुआ है। महाराष्ट्र के तटीय जिलों रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

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पूर्व-मध्य अरब सागर पर चक्रवाती तूफान क्यार तेजी से उठ रहा है

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व-मध्य अरब सागर पर चक्रवाती तूफान क्यार तेजी से उठ रहा है, जिसका केंद्र मुंबई के रत्नागिरि से लगभग 200 किमी पश्चिम में है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में यानी 31 अक्टूबर तक यह चक्रवाती तूफान ओमान तट की ओर बढ़ेगा।