यूनिफार्म सिविल कोड पर सुनवाई आज: मोदी सरकार देगी कोर्ट को जवाब

भारत में सभी धर्मों में एक समान कानून लागू करने की कवायद तेज हो गयी है। इसी कड़ी में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट यूनिफार्म सिविल कोड पर सुनवाई करने वाली है।

Published by Shivani Awasthi Published: February 19, 2020 | 1:06 pm
Modified: February 19, 2020 | 1:10 pm

Uniform Civil Code

दिल्ली: देशभर में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफार्म सिविल कोड (Common Civil Code) लागू करने की मांग वाली एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। इस दौरान कोर्ट केंद्र से जवाब तलब करेगा। बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब माँगा था।

हाई कोर्ट आज करेंगा समान नागरिक संहिता याचिका पर सुनवाई:

भारत में सभी धर्मों में एक समान कानून लागू करने की कवायद तेज हो गयी है। इसी कड़ी में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट यूनिफार्म सिविल कोड पर सुनवाई करने वाली है। कानून लेकर याचिका दायर की गयी थी, जिसमें समान नागिरक संहिता को लेकर न्यायिक आयोग बनाने और ड्राफ्ट बनाने की मांग समेत कई याचिकाएं दाखिल की गई।

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पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से इस बाबत जवाब माँगा था। वहीं गृह मंत्रालय 5 बार पहले भी कोर्ट से समय मांग चुका है। ऐसे में केंद्र के जवाब का इंतज़ार है।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड

समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ होता है भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। फिलहाल मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदाय का पर्सनल लॉ है जबकि हिन्दू सिविल लॉ के तहत हिन्दू, सिख, जैन और बौद्ध आते हैं।

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क्यों हो रहा कानून का विरोध:

वहीं इस कानून का काफी समय से विरोध भी हो रहा है। दरअसल, धार्मिक पक्ष का इस मामले में कहना है कि अगर यह कानून लागू होता है तो सबकी धार्मिक स्वतंत्रता बाधित होगी। उनका मानना है कि हर धर्म और समुदाय की अपनी-अपनी परंपराएं है। ऐसे में यूनिफॉर्म सिविल कोड को उनकी परंपराओं पर कानूनी लगाम के तौर पर देखा जा रहा है।

गौरतबल है कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2019 में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि 1956 में हिंदू लॉ बनने के 63 साल बीत जाने के बाद भी पूरे देश में समान नागरिक आचार संहिता लागू करने के प्रयास नहीं किए गए।

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