खत्म हुआ इंतजार: 5 महीने बाद खुला सबसे चर्चित इलाका, पहले से ही बंद थीं दुकानें

देश और विदेश की मीडिया में इस साल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहे शाहीन बाग इलाके की दुकानों के ताले पांच महीने बाद खुल गए हैं। पहले नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और उसके बाद कोरोना संकट के कारण पांच महीने से इलाके की दुकानें बंद चल रही थीं।

नई दिल्ली: देश और विदेश की मीडिया में इस साल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहे शाहीन बाग इलाके की दुकानों के ताले पांच महीने बाद खुल गए हैं। पहले नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और उसके बाद कोरोना संकट के कारण पांच महीने से इलाके की दुकानें बंद चल रही थीं। लॉकडाउन के चौथे चरण में नियम और शर्तों के साथ दुकानें खोलने की इजाजत के बाद इस इलाके में भी दुकानों के शटर उठ गए हैं।

यह भी पढ़ें: अभी-अभी बड़ा विमान हादसा: 90 लोग थे इसमे सवार, दहल उठा पाकिस्तान

विरोध का सबसे बड़ा केंद्र था शाहीन बाग

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए गए थे मगर इसका सबसे बड़ा केंद्र शाहीनबाग ही था। देश के अन्य इलाकों में शाहीन बाग के बाद ही प्रदर्शन शुरू हुए थे और इन इलाकों को भी शाहीन बाग के नाम से ही संबोधित किया जाने लगा था। शाहीन बाग में रोज हजारों प्रदर्शनकारी जुटते थे और इनके खाने और रहने का प्रबंध भी वहीं पर किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट भी हो गया था फेल

शाहीन बाग का प्रदर्शन खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी कोशिश की थी मगर उसे भी कामयाबी नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए दो वार्ताकार कई बार शाहीनबाग गए और प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश की मगर उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं।

यह भी पढ़ें: कांपे सभी आतंकी: एक आवाज से मची अफरातफरी, ‘सबको मरवा रहा कोई’

मार्च में खाली कराया गया था इलाका

जनवरी में शुरू हुआ यह प्रदर्शन मार्च तक जारी था और तभी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी। इस महामारी के कारण दिल्ली पुलिस को भी शाहीन बाग खाली कराने का मौका मिल गया और 24 मार्च की सुबह दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच धरना स्थल को पूरी तरह साफ करते हुए वहां से सभी टेंट हटवा दिए थे।

इलाके में थी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद लॉकडाउन के दौरान इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शाहीन बाग और जाफराबाद इलाके में चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए थे ताकि किसी भी विरोध प्रदर्शन को नाकाम किया जा सके। हालांकि  प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कर्फ्यू की आशंका की वजह से उन्होंने खुद ही प्रदर्शन स्थल खाली कर दिया था।

यह भी पढ़ें: सोनिया गांधी ने बुलाई तत्काल बैठक, केंद्र पर लगाए ये बड़े आरोप

पांच महीने बाद खुलीं दुकानें

प्रदर्शनस्थल खाली होने के बावजूद लॉकडाउन की वजह से उस समय भी शाहीन बाग इलाके की दुकानें नहीं खुल सकी थीं। अब लॉकडाउन के चौथे चरण में दिल्ली सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई रियायतों की घोषणा की गई है। इन रियायतों के कारण पांच महीने से बंद चल रहे शाहीन बाग इलाके में भीे धीरे धीरे रौनक लौटने लगी है और दुकानें खुल गई हैं।

हालांकि अभी इन दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की संख्या काफी कम है। दुकानदार अपने ग्राहकों से सोशल डिस्टेंसिंग और सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कोरोना संकट के कारण ज्यादा संख्या में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। जल्द ही इन दुकानों में पुरानी रौनक लौट आएगी।

रिपोर्ट- अंशुमान तिवारी

यह भी पढ़ें: ममता ने उठाए मोदी पर सवाल, कहा कि नहीं बताया पैकेज या एडवांस

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।