दिल्ली दंगे में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, पुलिस के रडार पर PFI समेत चार संगठन

दिल्ली दंगे के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई), जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी), पिंजरा तोड़ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) के कई सदस्य पुलिस के निशाने पर हैं

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली। दिल्ली में गत फरवरी महीने में भड़के दंगे के मामले में पुलिस बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। पुलिस इस मामले में जेएनयू और जामिया के तीन छात्रों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई कर चुकी है। अब इस मामले में पुलिस पीएफआई समेत चार संगठनों के कई सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस के रडार पर एक प्रोफ़ेसर के साथ ही डीयू और जेएनयू के कई मौजूदा और पूर्व छात्र भी हैं। कोरोना के खिलाफ घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के दिनों में भी पुलिस गुनहगारों का पता लगाने के लिए पूरी गंभीरता से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

पुलिस के निशाने पर हैं ये संगठन

जानकार सूत्रों का कहना है कि दिल्ली दंगे के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई), जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी), पिंजरा तोड़ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) के कई सदस्य पुलिस के निशाने पर हैं और इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस दिल्ली दंगे के दौरान इन चारों संगठनों के कई सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली दंगों के सिलसिले में गिरफ्तार नौ लोगों के व्हाट्सएप चैट को स्कैन करने से पता चला है कि ये संगठन दिल्ली दंगे के दौरान एक -दूसरे के संपर्क में बने हुए थे।

चारों संगठनों ने मिलकर बनाई योजना

दिल्ली दंगे के सिलसिले में पुलिस ने इसी हफ्ते जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के खिलाफ यूएपीए लगाया था। खालिद के अलावा जामिया के छात्र मीरन हैदर, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के कोऑर्डिनेटर सफूरा जरगर और भजनपुरा निवासी दानिश के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि चारों संगठनों को जोड़ने वाला एक सामान्य सूत् थार और ये सभी एक-दूसरे के साथ संवाद कर रहे थे। इन संगठनों के सदस्यों के बीच विरोध प्रदर्शन की योजनाओं पर भी लगातार चर्चा हो रही थी।

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पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी हुई थी चर्चा

पुलिस सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सएप चैट से यह भी पता चला है कि विरोधस्थल पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सदस्यों के बीच चर्चा हो रही थी। विरोध प्रदर्शन के लिए स्थानीय नेताओं को अधिक से अधिक लोगों खासकर महिलाओं और बच्चों को जुटाने की योजना बनाने के सबूत भी मिले हैं।

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बैंक खातों की भी हो रही पड़ताल

पुलिस सूत्रों का कहना है कि निशाने पर आए चारों संगठनों के सदस्यों के बैंक खातों के बीच पैसे के लेनदेन का भी पता चला है। पुलिस को पता चला है कि उनमें से कुछ ने पीएफआई के साथ ही विदेशों से भी पैसा हासिल किया है। पुलिस का दावा है की इन लोगों ने विभिन्न मंचों पर दिए गए भाषणों से दंगों को उकसाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उनके भाषणों से काफी संख्या में लोग बहकावे में आ गए थे।

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लॉकडाउन के दिनों में भी सक्रिय है पुलिस

देश में लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने दंगे के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जरगर और हैदर के अलावा पूर्व कांग्रेसी पार्षद इशरत जहां और कार्यकर्ता खालिद सैफी भी शामिल हैं। जरगर की गिरफ्तारी के बाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने मनमानी गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए पुलिस के इस कदम की निंदा की थी।

उनका आरोप था कि पुलिस लॉकडाउन की आड़ में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर निर्दोषों को गिरफ्तार कर रही है। दूसरी और पुलिस इस मामले में तेजी से जांच करने में जुटी है और जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

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