क्या है डोमिसाइल कानून और इसके लागू होने से क्या-क्या फायदा मिलेगा, यहां जानें

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए नया डोमिसाइल कानून लागू कर दिया है। अब तक जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल का कोई प्रावधान नहीं था। इसके संविधान की धारा 35 ए के तहत नागरिकों को परिभाषित किया जाता था।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए नया डोमिसाइल कानून लागू कर दिया है। अब तक जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल का कोई प्रावधान नहीं था। इसके संविधान की धारा 35 ए के तहत नागरिकों को परिभाषित किया जाता था।

सिविल सर्विसेज (डिसेंट्रियलाइजेशन एंड रिक्रूटमेंट) के तहत 15 साल से कश्मीर में रहने वाले यहां के डोमिसाइल निवासी माने जाएंगे। नए कानून के मुताबिक, यूटी में सात साल तक पढ़ने वाले और 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा देने वाले छात्र भी डोमिसाइल माने जाएंगे। आइये विस्तार से जानते हैं कि आखिर ये डोमिसाइल कानून क्या है?

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क्या होता है डोमिसाइल

यह एक ऐसा प्रमाणपत्र है, जो बताता है कि कोई नागरिक कितने साल से प्रदेश में रह रहा है। इससे प्रदेश के नागरिक के तौर पर व्यक्ति की पहचान होती है। नागरिक को उसी हिसाब से तय नियम व शर्तों के हिसाब से सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र ने जम्मू कश्मीर में 15 साल तक रहने वाले नागरिक के लिए डोमिसाइल का प्रावधान रखा है।

क्या होगा लाभ

डोमिसाइल लागू होने का फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा। विभिन्न प्रोफेशनल, तकनीकी कोर्सों में आवेदन करने में डोमिसाइल काम आएगा। प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना का फायदा भी डोमिसाइल वाले युवाओं को मिलेगा।

प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना सिर्फ प्रदेश के युवाओं के लिए ही लागू है। नीट का पेपर तो प्रदेश के युवा देंगे, लेकिन जम्मू कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला प्रदेश के डोमिसाइल वालों को ही मिलेगा।

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अचल संपत्तियां व जमीन खरीदने का हक

सरकारी गजट के अनुसार, 15 साल तक प्रदेश में रहने वाले लोगों को यहां का स्थायी अधिवासी माना जाएगा। अचल संपत्तियां व जमीन भी यही लोग खरीद सकेंगे। नौकरी के हक के तहत चतुर्थ श्रेणी तक के पद पर केवल यहीं रहने वाले लोगों के लिए आरक्षित होंगे।

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