कर्नाटक में डीआरडीओ का रुस्तम 2 यूएवी दुर्घटनाग्रस्त, जानिए क्या है यूएवी

कर्नाटक में एक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गया है। यह यूएवी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का था।

Published by Dharmendra kumar Published: September 17, 2019 | 10:42 am

नई दिल्ली: कर्नाटक में एक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गया है। यह यूएवी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का था।

प्रदेश के चित्रदुर्ग जिले के जोडीचिकेनहल्ली में सुबह 6 बजे यूएवी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह डीआरडीओ का रुस्तम 2 यूएवी है। इसका ट्रायल किया जा रहा था। मौके पर डीआरडीओ के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं।

फरवरी, 2018 को डीआरडीओ द्वारा निर्मित देश के सबसे बड़े मानवरहित निगरानी एवं टोही विमान (यूसीएवी) रूस्तम-2 ने पहली बार सफलतापूर्वक उड़ान भरा था। पहले परीक्षण में पूरी तरह से सफल रहा था।

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चैलकेरे एरोनॉटिकल टेस्ट रेंज (एटीआर) में आउट-डोर परीक्षण होता है। यहां डीआरडीओ विशेष रूप से मानव रहित विमानों पर करता है। इसी रेंज के आस-पास यह यूएवी क्रैश हुआ है।

चित्रदुर्ग के एसपी ने घटना के बारे में कहा, डीआरडीओ का रुस्तम 2 क्रैश हुआ है। इसका ट्रायल किया जा रहा था जिसमें वह फेल हो गया और खुले इलाके में गिर गया।

जानिए क्या है यूएवी

-अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) एयरक्राफ्ट का एक क्लास है जो बिना किसी पायलट के उड़ सकता है। यूएवी सिस्टम में एयरक्राफ्ट कंपोनेंट, सेंसर पेलोड्स और एक ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम होता है।

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-यूएवी को ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या ग्राउंड पर लगे उपकरणों से नियंत्रित कर सकते हैं।

-जब इसे ग्राउंड सिस्टम से कंट्रोल किया जाता है तो इसे आरपीवी (रिमोटली पायलटेड व्हीकल) कहा जाता है। इसके लिए वायरलेस सिस्टम की जरूरत पड़ती है।

-यूएवी का उपयोग निगरानी और रक्षा से जुड़े कार्यों में ज्यादातर होता है। सेना और कमर्शियल कार्यों में इसका प्रयोग अब ज्यादा होने लगा है।

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-छोटे यूएवी को ग्राउंड पर लगे लैपटॉप से भी कंट्रोल किया जा सकता है। मौसम की जानकारी के लिए भी इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

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