किसानों का आंदोलन जारी, बिना ट्रैक्टर दिल्ली में प्रवेश की मिली इजाजत

उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन भी कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। भारतीय किसान यूनियन ने भी दिल्ली के लिए मार्च किया है। किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के मामले को हल करने में नाकाम रही है।

Published by Ashiki Patel Published: November 28, 2020 | 8:39 am
Modified: November 28, 2020 | 8:11 pm
Farmers on Delhi border

किसान आन्दोलन(फोटो: सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाये गए कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली जाने की इजाजत मिल गई है। सिंधु बॉर्डर पर पंजाब के किसानों संगठनों की मीटिंगा जारी है। इस मीटिंग में तय किया जाएगा कि किसान अपना प्रदर्शन यहीं से करेंगे या दिल्ली के बुराड़ी स्थित निराकारी समागम ग्राउंड में जाएंगे। अभी किसान वहीं डटे हए हैं।

किसानों के हितों के लिए मोदी सरकार ने उठाए कदम: पीयूष गोयल

किसान को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि किसान हितों के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से, 26 नवंबर तक, पिछले वर्ष समान अवधि की तुलना में, 19% अधिक धान MSP मूल्य पर खरीदा गया। पूरे देश में कुल 310।61 LMT धान की खरीद हुई, जिसमें पंजाब का योगदान 65% है।

किसानों को जंतर मंतर जाने की इजाजत दी जाए: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मिलनी चाहिए। किसान बुराड़ी नहीं आना चाहते हैं। वे जंतर मंतर ही जाना चाहते हैं।

बॉर्डर पर डटे किसान, राजस्थान ने भी भरी हुंकार

भारतीय किसान यूनियन, पंजाब के महासचिव हरिंद्र सिंह ने कहा कि सिंधु बॉर्डर पर किसानों की बैठक खत्म हो गई है। हमने प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया है। हम कहीं और नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम हर रोज सुबह 11 बजे बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।

दिल्ली यातायात पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सिंधु बॉर्डर अभी भी दोनों ओर से बंद है। कृपया वैकल्पिक मार्ग चुनें। मुकरबा चौक और जीटीके रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। कृपया सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और इसके विपरीत, GTK रोड, NH 44 और सिंधु बॉर्डर तक बाहरी रिंग रोड से जानें से बचें।

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मोदी फोटो खिंचा रहे, किसान कराह रहे-सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने किसानों के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सुरेजावाल ने ट्वीट किया, मोदी कंपनियों के दफ़्तर जा फ़ोटो खिंचा रहे हैं और लाखों किसान दिल्ली के सड़कों पर कराह रहे हैं। काश! PM जहाज़ की बजाय ज़मीन पर किसान से बात करते। कोरोना वैक्सीन साइंटिस्ट और शौधकर्ता ढूंढेंगे, व।।।देश का पेट किसान पालेंगे, और।।। मोदी और भाजपाई टेलिविज़न सम्भालेंगे!

पंजाब के किसानों ने खड़ा किया आंदोलन-खट्टर

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह आंदोलन पंजाब के किसानों ने खड़ा किया है। यह आंदोलन पूरी तरह राजनैतिक और सुनियोजित तरीके से खड़ा किया गया है। हरियाणा के किसानों ने इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया है। हरियाणा पुलिस ने संयम और धैर्य का परिचय दिया है।

akhilesh yadav

अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी ने किसानों से वादा पूरा नहीं किया

यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों का समर्थन किया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि मेरा इतना बड़ा सपना नहीं है कि मैं प्रधानमंत्री बनूं, लेकिन मैं विकास होते देखना चाहता हूं। किसानों के साथ जो हो रहा है वो ठीक नहीं है। बीजेपी ने कहा था कि क़र्ज़ा माफ नही करेंगे और किसानों की आय दोगुनी कर देंगे। लेकिन कुछ नहीं किया। क्रय केंद्रों ने किसानों का धान नहीं ख़रीदा। हम किसानों की मांग का पूरा समर्थन कर रहे हैं।

किसानों के लिए लगे लंगर

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर अपना डेरा जमाया हुआ है। पंजाब से दिल्ली आए किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान पर प्रदर्शन की इजाजत दी गई है। दिल्ली के विभिन्न जगहों से लोग लंगर लेकर भी आ रहे हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की कोई कमी न आए।

सरकार नाकाम हो गई है हम दिल्ली आ रहे हैं: राकेश टिकैत

उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन भी कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। भारतीय किसान यूनियन ने भी दिल्ली के लिए मार्च किया है। किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के मामले को हल करने में नाकाम रही है। हम अब दिल्ली जा रहे हैं।

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खरबपति मित्रों के लिए कालीन बिछाती है सरकार, किसानों के रास्ते खोदे: प्रियंका

प्रियंका ने कहा कि भाजपा सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए। जब भाजपा के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है। मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं। दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत?

राहुल गांधी ने साधा निशाना

राहुल गांधी ने एक तस्वीर ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बड़ी ही दुखद फ़ोटो है। हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था लेकिन आज PM मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया। यह बहुत ख़तरनाक है।

बैठक के बाद होगा ये फैसला

सिंधु बॉर्डर पर पंजाब के किसान संगठनों की मीटिंग चल रही है। इस मीटिंग में फैसला लिया जाएगा कि किसान अपना प्रदर्शन यहीं से करेंगे या दिल्ली के बुराड़ी स्थित निराकारी समागम ग्राउंड में जाएंगे।

आगे जगजीत सिंह ने कहा कि अगर सरकार हमसे बात करना चाहती है तो हम सरकार से बात करने को तैयार हैं, लेकिन जो डेथ वारंट किसान का लिखा गया है उसको वापस करना पड़ेगा। रही बात आंदोलन की तो वो बैठक में तय होगा कि आगे की रूपरेखा क्या रहेगी। जगजीत सिंह ने कहा कि आंदोलन तो जरूर होगा, लेकिन वह बुराड़ी के मैदान में होगा या सिंघु बॉर्डर पर, यह फैसला बैठक के बाद किया जाएगा।

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बता दें कि इससे पहले पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई थी। इन किसानों को दिल्ली के बुराड़ी स्थिति निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई। हालांकि, किसान इस दौरान दिल्ली के किसी ओर इलाके में नहीं जा सकेंगे। साथ ही इस दौरान पुलिस किसानों के साथ ही रहेगी।

kisan union leaders

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दिल्ली सरकार ने किसानों के लिए बुराड़ी में की व्यवस्था

वहीं दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों का स्वागत ‘अतिथि’ के तौर पर करते हुए उनके खाने, पीने और आश्रय का बंदोबस्त किया है। राजधानी के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से हजारों किसानों को प्रवेश करने और उत्तरी दिल्ली के मैदान में कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति दी गई है।

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