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भारत की बड़ी जीत: विदेश सचिव ने बताया, मोदी और जिनपिंग के बीच क्या हुई बात

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अनौपचारिक शिखर वार्ता हुई। सबसे बड़ी बात यह रही है कि इस दौरान कश्मीर के मुद्दे पर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच एक बार भी चर्चा नहीं हुई। हालांकि आतंक पर दोनों नेताओं ने विस्तार से चर्चा की।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 12 Oct 2019 9:51 AM GMT

भारत की बड़ी जीत: विदेश सचिव ने बताया, मोदी और जिनपिंग के बीच क्या हुई बात
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नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अनौपचारिक शिखर वार्ता हुई। सबसे बड़ी बात यह रही है कि इस दौरान कश्मीर के मुद्दे पर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच एक बार भी चर्चा नहीं हुई। हालांकि आतंक पर दोनों नेताओं ने विस्तार से चर्चा की।

विदेश सचिव विजय गोखले ने पीएम मोदी और शी जिनपिंग की शिखर वार्ता के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत में एक बार भी कश्मीर मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद पर मिलकर लड़ने की बात कही है।

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भारत का आंतरिक मामला है कश्मीर

माना जा रहा है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत में कश्मीर के मुद्दे का न उठना भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। आशंका जताई जा रही थी कि कश्मीर मुद्दे की वजह से बातचीत पटरी से उतर सकती है। विदेश सचिव ने कहा कि भारत बहुत पहले स्पष्ट कर चुका है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।

विदेश सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किसी भी स्थिति में हमारा रुख साफ है कि कश्मीर पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि आतंकवाद और कट्टरवार की चुनौतियों का सामना करना जरूरी है। दोनों देश न सिर्फ क्षेत्रफल के हिसाब से बल्कि जनसंख्या के हिसाब से भी काफी बड़े हैं।

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मोदी ने शी के सम्मान में लंच का आयोजन किया

गोखले ने बताया कि दोनों देशों के नेताओं ने शनिवार को करीब 90 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद डेलिगेशन स्तर पर बातचीत हुई। इसके बाद पीएम मोदी ने शी के सम्मान में लंच का आयोजन किया। इस समिट में कुल मिलाकर दोनों नेताओं के बीच 6 घंटे तक वन टु वन मीटिंग हुई है।

विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा करने के लिए नए व्यवस्था की स्थापना की जाएगी। इसमें चीन की तरफ से उप प्रधानमंत्री हु शुन्हुआ और भारत की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हिस्सा लेंगी।

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चीन में होगी अगले दौर की बैठक

विजय गोखले ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि चीन के राष्ट्रवति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन आने का न्योता दिया है। पीएम मोदी ने चिनफिंग के न्योते को स्वीकार कर लिया है। अगले दौर की बैठक चीन में होगी। इसकी तारीख का एलान दोनों नेताओं की सुविधा के हिसाब से किया जाएगा।

विदेश सचिव ने कहा कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच मानसरोवर यात्रा का मुद्दा भी उठा। इस दौरान मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा पर बातचीत हुई। पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति को मानसरोवर यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ सुझाव दिए। इसके साथ ही तमिलनाडु और चीन के फुजियान राज्य के बीच संबंध बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।

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