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वैज्ञानिकों ने बताया, कितना खतरनाक है कोरोना का नया स्ट्रेन

एमसी मिश्रा ने कोरोना के नये स्वरूप के स्टडी में 3600 लोगों के होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया, “इस स्टडी में मरीजों का दो समूह बनाया गया था। एक समूह में पुराने वैरिएंट वाले मरीज थे, जबकि दूसरे समूह में कोरोना के नए स्वरूप वाले मरीजो को शामिल किया गया था।"

Chitra Singh

Chitra SinghBy Chitra Singh

Published on 2 Jan 2021 8:20 AM GMT

वैज्ञानिकों ने बताया, कितना खतरनाक है कोरोना का नया स्ट्रेन
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नई दिल्ली: ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा कोरोना वायरस का नया स्वरूप कितना घातक है, अब तक इस पर अभी कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि कोरोना वायरस का यह नए रूप ने भारत में भी दस्तक दे दिया। कई राज्यों में इस नए वायरस के कुछ मरीज मिलने के बाद भारत सरकार अलर्ट हो गई है। इसके अलावा ब्रिटेन की पब्लिक हेल्थ संस्था की एक स्टडी से इस नए वायरस को लेकर थोड़ी राहत मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, स्टडी में नए वायरस को लेकर यह खुलासा हुआ है कि पुराने स्ट्रेन के मुकाबले नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है। भले ही इसकी संक्रामकता तेजी से फैल रही है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

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स्टडी में 3600 लोगों शामिल

एक मीडिया इंटरव्यू में AIIMS के पूर्व निदेशक एमसी मिश्रा ने कोरोना के नये स्ट्रेन के बारे में जानकारी दी। एमसी मिश्रा ने कोरोना के नये स्वरूप के स्टडी में 3600 लोगों के होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया, “इस स्टडी में मरीजों का दो समूह बनाया गया था। एक समूह में पुराने वैरिएंट वाले मरीज थे, जबकि दूसरे समूह में कोरोना के नए स्वरूप वाले मरीजो को शामिल किया गया था। खास बात है कि मरीजों की इतनी बड़ी संख्या में से केवल 42 मरीजों को ही अस्पताल में दाखिल कराने की नौबत आई, जिसमें पुराने स्ट्रेन वाले 26 और नए वैरिएंट के मरीज 16 थे।“

Corona new strain

एक्सपर्ट्स की राय

डॉक्टर मिश्रा ने आगे बताया कि अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों में से 22 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें से मरने वाले पुराने वैरिएंट वाले मरीजों की संख्या 12 थी, जबकि नए वैरिएंट के मामले में आंकड़ा 10 पर पहुंच गया था। इस आंकड़ें से साफ हो जाता है कि यह वायरस कम घातक है। हालांकि, इस स्टडी से एक और जरूरत बात सामने आई है। स्टडी के दौरान एक्सपर्ट्स ने पाया है कि नया स्ट्रेन भले ही कम जानलेवा या घातक है, लेकिन इसकी संक्रामकता पहले से ज्यादा है।”

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