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गलवान के बलवान: शहीदों की याद में बनेगा गार्डन, ITBP करेगा ये बड़ा काम

भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने इसके लिए प्लांटेशन ड्राइव शुरू कर दी है। ITBP ने इस जगह को गार्डन के रुप में बनाने का खास अभियान शुरू कर दिया है। इस कड़ी में यहां पर 1 हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 23 Dec 2020 1:21 PM GMT

गलवान के बलवान: शहीदों की याद में बनेगा गार्डन, ITBP करेगा ये बड़ा काम
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'गलवान के बलवान': घाटी के शहीदों की याद में बनेगा गार्डन, ITBP ने लगाए 1000 पौधे
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नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा से सटे गलवान घाटी को भला कैसे कोई भूल सकता है। ये वही जगह है जहां पर जून में भारतीय और चीनी सेना का आमान-सामना हुआ था। इस दौरान भारत के 20 सैनिकों ने अपनी जान गवां दी थी। ये जगह अब 'गलवान के बलवान' के नाम से जानी जाएगी। यहां देश के उन 20 शहीदों की याद में झड़प वाली जगह से कुछ किलोमीटर दूर एक गार्डन बनाया जाएगा।

लगाए जाएंगे 1 हजार से भी ज्यादा पौधे

भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने इसके लिए प्लांटेशन ड्राइव शुरू कर दी है। ITBP ने इस जगह को गार्डन के रुप में बनाने का खास अभियान शुरू कर दिया है। इस कड़ी में यहां पर 1 हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। ITBP द्वारा -30 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले इस क्षेत्र में देश के शहीदों के सम्मान में एक उद्यान का निर्माण किया जा रहा है।

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ITBP के मुताबिक यह क्षेत्र पूरी तरह से बंजर है और अभी तक यहां पर कोई भी पौधा नहीं था। वहीं अधिकारियों का कहना है कि इतने कठिन मौसम में भी पौधे लगाए जा रहे हैं और उन्हें कैसे सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि -30 डिग्री सेल्सियस में भी वो उग सकें। सर्दियों में टेम्प्रेचर माइनस 30 डिग्री तक चला जाता है। इस वजह से ऐसे पौधे मंगाए गए हैं, जो ऐसे ठंडे वातावरण में भी सुरक्षित रह सकें।

ITBP के एक अधिकारी ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि यहां एक वृक्षारोपण अभियान शुरू किया है और अब तक उस विशेष क्षेत्र में 1,000 पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय पौधों को चुना गया है, जो इस तरह के मजबूत मौसम की स्थिति में आसानी से जीवित रह सकते हैं।

जून में चीनी सैनिकों से हुई थी झड़प

मालूम हो कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान वैली में 15-16 की रात हिंसक झड़प हुई थी। इसमें कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। उस दौरान ऐसी भी खबरें आईं थीं कि इस झड़प में चीन के भी 43 सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने इस बात की पुष्टि नहीं की।

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