Google सर्विस बंद: कुछ भी कर लो नहीं चलेगा टीवी, मोबाइल

गूगल भारतीय टेलीकॉम कंपनियों की मुसीबतें बढ़ाने वाला हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल ने अपनी मोबाइल नेटवर्क इनसाइट सर्विस को बंद कर दिया है। इस सर्विस के बंद हो जाने के बाद Reliance Jio, Airtel और Vodafone जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क में आने वाली कनेक्टिविटी की समस्या को ठीक करने में परेशानी होगी

नई दिल्ली: गूगल भारतीय टेलीकॉम कंपनियों की मुसीबतें बढ़ाने वाला हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल ने अपनी मोबाइल नेटवर्क इनसाइट सर्विस को बंद कर दिया है। इस सर्विस के बंद हो जाने के बाद Reliance Jio, Airtel और Vodafone जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क में आने वाली कनेक्टिविटी की समस्या को ठीक करने में परेशानी होगी, जिसकी वजह से लोगों को फोन में कनेक्टिविटी की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियां इस सर्विस का यूज़ नेटवर्क कवरेज को बढ़ाने में भी करती थीं।

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कानूनी दिक्कत में फंसने का था डर-

वैसे तो गूगल को कानूनी पेंच में फंसने का डर था जिसकी वजह से उसने चुपचाप इस सर्विस को बंद कर दिया। इस सर्विस को गूगल ने साल 2017 में लॉन्च किया था। गूगल इस सर्विस के लिए यूज़र्स के फोन की लोकेशन और सिग्नल की स्ट्रेंथ को ट्रैक करता था। लेकिन यूज़र्स का डेटा शेयर करने के कारण रेग्युलेटर्स की नज़र इस पर पड़ सकती है।

गूगल अपनी मोबाइल नेटवर्क इनसाइट सर्विस को फ्री में उपलब्ध कराता था। जैसा की सभी जानते हैं कि दुनिया में ऐंड्रॉयड ओएस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में टेलिकॉम कंपनियों के इस सर्विस के कारण कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों की पहचान कर नेटर्वक बूस्ट करने में काफी मदद मिलती थी। गूगल द्वारा इस सर्विस को बंद किए जाने के बाद से कहा जा रहा है कि स्मार्टफोन यूजर्स की प्रिवेसी को लेकर गूगल चिंतित है इसीलिए उसने इसे बंद करने का फैसला लिया है।

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गूगल प्रतिनिधि ने कन्फर्म की खबर-

गूगल की प्रतिनिधि विक्टोरिया कीअफ ने इस न्यूज़ को कन्फर्म करते हुए कहा कि गूगल ने इस सर्विस को बंद कर दिया है और इस बारे में टेलिकॉम कंपनियों को जानकारी दे दी गई है। कीअफ ने बताया, ‘हम ऐसे प्रोग्राम पर काम कर रहे थे जिसमें हम मोबाइल पार्टनर्स को परफॉर्मेंस मेट्रिक के जरिए नेटर्वक बेहतर बनाने में मदद करते थे। हम अभी भी यूजर्स को ऑफर किए जाने वाले अपने ऐप्स और सर्विसेज के नेटवर्क को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’