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बदल गया नियम: व्यापार करने वाले जान लें, वरना हो जाएगी परेशानी

जीएसटी यानी माल एंव सेवा कर को लेकर जरूरी खबर आई है। जीएसटी के तहत पंजीकरण कराने वाले व्यापारी अब इसके लिए आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुन सकते हैं।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 22 Aug 2020 6:20 AM GMT

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नई दिल्ली: जीएसटी यानी माल एंव सेवा कर को लेकर जरूरी खबर आई है। जीएसटी के तहत पंजीकरण कराने वाले व्यापारी अब इसके लिए आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसा नहीं होने पर पंजीकरण केवल तभी हो पाएगा, जब व्यवसाय या कारोबार की जगह का फिजिकल वेरिफिकेशन पुष्टिकरण कर लिया जाएगा। इससे संबंधित केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने एक नोटिफिकेशन विज्ञापन जारी किया है। आगे इसमें कहा गया है कि अब जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदक शुक्रवार से आधार संख्या के ऑथेंटिकेशन पुष्टिकरण का विकल्प चुन सकते हैं।

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फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति आधार संख्या का ऑथेंटिकेशन नहीं कराता है या इसका विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसे में जीएसटी पंजीकरण के लिए संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति में व्यवसाय के स्थान का फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

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माल एंव सेवा कर (जीएसटी) के जरिए रजिस्ट्रेशन करने वाला एक करदाता आधार प्रमाणीकरण का विकल्प चुन सकता है, जिसमें परिसर के फिजिकल वेरिफिकेशन के बिना 3 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन की इजाजत दी जाती है। आगे उन्होंने कहा कि दूसरे मामलों में, समयावधि 21 दिन तक हो सकती है और अधिकारी व्यवसाय के स्थान का फिजिकल वेरिफिकेशन या जरूरी दस्तावेजों का विस्तृत रिव्यू कर सकते हैं।

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कर चोरी रोकने में मदद

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कर या टैक्स की चोरी रोकने का लेकर जैन ने कहा कि आधार को जीएसटी और पैन (स्थायी खाता संख्या) के साथ जोड़ने से सरकार के पास एक केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध होगा जो डेटा एनालिटिक्स की सुविधा देगा और कर चोरी रोकने में मदद करेगा।

इसके साथ ही AMRG एंड एसोसिएट्स में सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि आधार संख्या का प्रमाणीकरण जीएसटी पंजीकरण के लिये एक स्टैंडर्ड होगा, जिसके बिना रजिस्ट्रेशन बिजनसे के स्थान के फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही किया जायेगा।

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