निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की याचिका को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया कांड (Nirbhaya case) के मामले में दोषी पवन की याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, दायर याचिका में दोषी पवन ने यह दावा किया था कि वह अपराध के वक्त नाबिलग था।

Published by Shreya Published: January 20, 2020 | 9:17 am
Modified: January 20, 2020 | 3:24 pm

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया कांड (Nirbhaya case) के मामले में दोषी पवन की याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, दायर याचिका में दोषी पवन ने यह दावा किया था कि वह अपराध के वक्त नाबिलग था। इसी याचिका की आज सुनवाई होनी थी और ये याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है। हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की याचिका को खारिज कर दिया है।

इस याचिका पर न्यायमूर्ति आर भानुमति की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच सुनवाई की। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोपन्ना भी इस पीठ के सदस्य रहें। आपको बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्भया के दोषी पवन की ओर से इस संबंध में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया था।

दोषी ने की थी फांसी की सजा को खारिज करने की मांग

दोषी पवन की ओर से जो याचिका दायर की गई थी, उसमें उसने यह दावा किया था कि वह अपराध यानि 16 दिसंबर 2012 के वक्त नाबालिग था, इसलिए उसकी फांसी की सजा को खारिज करना चाहिए। दोषी का कहना था कि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस तथ्य की अनदेखी की। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी पवन के नाबालिग होने की याचिका को खारिज कर चुका है। साथ ही हाई कोर्ट ने दोषी के वकील एपी सिंह पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। बता दें कि दोषी पवन के पास अभी राष्ट्रपति के पास क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका भेजने का विकल्प बचा है।

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आरोपी मुकेश सिंह की दया याचिका हो चुकी है खारिज

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से निर्भया केस के एक अन्य आरोपी मुकेश सिंह की दया याचिका को पहले ही खारिज कर दिया गया है। दरअसल, दोषी मुकेश ने क्यूरेटिव याचिका के खारिज होने के बाद राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। अब मुकेश के पास कोई विकल्प नहीं बचा है।

जबकि अभी निर्भया के दो दोषियों अक्षय और पवन के पास अभी भी क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है। साथी ही दोनों के पास राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका दाखिल करने का संवैधानिक विकल्प भी बचा है।

अब दोषियों को 1 फरवरी, 2020 को होगी फांसी

निर्भया कांड (Nirbhaya case) के चारों दोषियों की फांसी अब नई तारीख यानि कि 1 फरवरी, 2020 को सुबह 6 बजे चारों को फांसी की सजा दी जाएगी। बता दें कि, इससे पहले 22 जनवरी को चारों को फांसी देने का आदेश हुआ था लेकिन आरोपियों ने दया याचिका दायर की थी, जिसके बाद डेथ वारंट की तारीख बढ़ा दी गयी थी।

पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की याचिका पर सुनवाई करने के बाद नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। अब उन्हें 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी।

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दोषियों की दया याचिका हो चुकी खारिज

दरअसल, दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट पर फैसला दिया था। जिसके तहत उन्हें 22 जनवरी को फांसी दी जानी है। इस फैसले के बाद चार दोषियों में से एक मुकेश ने राष्ट्रपति के नाम दया याचिका गृह मंत्रालय के जरिये भेजी। राष्ट्रपति तक मुकेश की दया याचिका पहुंच गयी, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया था। वहीं इसी के चलते उनकी फांसी भी टल गयी थी।

फांसी टालने के लिए अपना रहे अलग अलग हथकंडे

वहीं इससे पहले दो दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका भी दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं फांसी टालने के लिए बीते बुधवार एक दोषी ने जेल में खुदकुशी का प्रयास भी किया था।

दरअसल, किसी भी दोषी को फांसी देने से पहले कई बातों का ख्याल रखा जाता है। जैसे वो एकदम स्वास्थ्य होना चाहिए। उस पर किसी भी तरह का कोई केस बाकी नहीं रहना चाहिए। शायद यह ही वजह है अपने ऊपर केस दर्ज कराने के लिए विनय ने सुसाइड की कोशिश की। जिससे आत्महत्या की कोशिश का मामला उस पर दर्ज हो जाए।

तिहाड़ जेल नंबर 3 में शिफ्ट किए जा चुके हैं सभी दोषी

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को दिल्लीु के तिहाड़ जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही चारों दोषियों का रोजाना मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है। चारों 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में चल रहे हैं। जेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमनें चारों दोषियों को जेल नंबर 3 में शिफ्ट कर दिया है। बता दें कि चारों दोषियों को जेल नंबर-3 में फांसी पर लटकाया जाएगा।

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