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बैन के बावजूद J-K में कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट?

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद है। एक दिन के लिए जम्मू में इसे बहाल किया गया था लेकिन सुरक्षा कारणों व फैल रही अफवाहों के चलते फिर से इंटरनेट सेवा का बंद कर दिया गया है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 19 Aug 2019 9:27 AM GMT

बैन के बावजूद J-K में कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट?
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जम्मू: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद है।

एक दिन के लिए जम्मू में इसे बहाल किया गया था लेकिन सुरक्षा कारणों व फैल रही अफवाहों के चलते फिर से इंटरनेट सेवा का बंद कर दिया गया है।

इसी दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

इंटरनेट सेवा बंद होने के बावजूद अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी का ट्विटर अकांउट सक्रिय पाया गया है।

इस मामले में बीएसएनएल अधिकारी संदेह के घेरे में हैं।

इस मामले में दो अधिकारियों की संलिप्तता बताई जा रही है, जिन्होंने इंटरनेट बंद के बावजूद सैय्यद अली शाह गिलानी को एक्सेस दिया है।

सूत्रों के अनुसार प्रतिबंध के दौरान गिलानी के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट हो रहे हैं।

अधिकारी यह जानकारी जुटाने में असमर्थ रहे कि गिलानी कश्मीर में इंटरनेट एक्सेस कर रहे हैं या नहीं।

गिलानी के अकाउंट से लगातार भारत विरोधी पोस्ट करते किये जा रहे हैं।

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14 दिन बाद श्रीनगर में खुले स्कूल

बता दें कि अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के एक्शन के बाद शनिवार को 96 में से 17 टेलिफोन एक्सचेंज चालू करते हुए कश्मीर में लैंडलाइन फोन सेवा शुरू हुई थी।

इस बीच सोमवार को श्रीनगर के 190 से ज्यादा प्राइमरी स्कूल करीब 14 दिनों बाद फिर से खोल दिए गए हैं।

बीते कई दिनों से पढ़ाई का काम बाधित होने के बाद तमाम छात्र स्कूलों की क्लासेज में जाते नजर आए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सीनियर क्लासेज के स्कूल कुछ वक्त बाद खोले जाएंगे।

जितने दिनों तक स्कूल बंद रहे हैं, उनके बदले इस महीने के बाद में पूरक कक्षाएं लगाई जाएंगी।

हालात सामान्य होते ही अन्य जिलों के स्कूल भी खोल दिए जाएंगे।

दूसरी ओर किसी भी अव्यवस्था से निपटने के लिए सेना समेत अन्य सुरक्षा बल 24 घंटे मोर्चे पर तैनात हैं।

10 और टेलिफोन एक्सचेंज चालू

इससे पहले घाटी में रविवार को 10 और टेलिफोन एक्सचेंजों ने काम करना फिर से शुरू कर दिया।

हालांकि, पहले बहाल 17 एक्सचेंज में से एक पर सेवाएं रोक दी गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन को लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल दुष्प्रचार अभियान में करने की जानकारी मिलने के बाद एक एक्सचेंज पर सेवाएं फिर से रोकी गई हैं।

घाटी में मौजूद 50,000 टेलिफोन फिक्स्ड लाइन में 28,000 को चालू कर दिया गया है।

रविवार को जिन टेलिफोन एक्सचेंज का परिचालन शुरू किया है, वे हैं श्रीनगर जिले में डल झील, सचिवालय और निशात, उत्तरी कश्मीर में पट्टन, बोनियार और बारामुला, बडगाम जिले के चाबुरा और चरार-ए-शरीफ और दक्षिण कश्मीर की ऐशमुकाम।

पांच अगस्त को केंद्र की ओर से अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित करने की घोषणा से पहले राज्य में लैंडलाइन फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं।

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सिर्फ इनकमिंग कॉल की मिलेगी सुविधा

कश्मीर में मोबाइल सर्विस की बहाली इस हफ्ते के आखिर तक होने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि शुरुआत में केवल इनकमिंग कॉल की सुविधा दी जाएगी।

इससे यहां के स्थानीय लोग जम्मू-कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों से कॉल अटेंड कर सकेंगे और आईएसडी कॉल की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे, जबकि मोबाइल इंटरनेट अभी कुछ समय तक बंद ही रहेगा।

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