पाकिस्तान तिलमिला उठा! जब कश्मीरी हिंदुओं पर आया ये बड़ा बयान

अब भारत के कश्मीरी पंडितों को लेकर नई खबर आ रही है। अमेरिका में भारत के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि कश्मीरी पंडित जल्द ही घाटी लौट सकते हैं क्योंकि अगर इज़राइली लोग यह कर सकते हैं तो हम भी यह कर सकते हैं।

Published by Roshni Khan Published: November 28, 2019 | 9:25 am
Modified: November 28, 2019 | 10:49 am

न्यूयॉर्क: अब भारत के कश्मीरी पंडितों को लेकर नई खबर आ रही है। अमेरिका में भारत के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि कश्मीरी पंडित जल्द ही घाटी लौट सकते हैं क्योंकि अगर इज़राइली लोग यह कर सकते हैं तो हम भी यह कर सकते हैं। उनके इज़राइली ‘मॉडल’ का जिक्र करने से विवाद हो गया है। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत संदीप चक्रवर्ती ने शहर में एक कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के बारे में बात की। इस प्रोग्राम में कश्मीरी पंडित प्रवासियों के कुछ सदस्यों भी शामिल थे।

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जम्‍मू-कश्‍मीर की स्थिति सुधरेगी: भारतीय राजनयिक

उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति सुधरेगी। इससे शरणार्थी वापस जाएंगे और आप अपने जीवन काल में, वापस जा सकेंगे। आप अपने घरों में वापस जा सकेंगे और आपको सुरक्षा मिलेगी, क्योंकि दुनिया में पहले से एक मॉडल है।’ वह इज़राइली बस्तियों के मॉडल का हवाला दे रहे थे।

पाक पीएम ने साधा निशाना

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि हम इसका अनुसरण क्यों नहीं करते हैं। यह पश्चिम एशिया में हुआ है। अगर इज़राइली लोग यह कर सकते हैं तो हम भी कर सकते हैं।’ उनकी इस बात को रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। उनकी कही बात पर विवाद हो गया और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को कश्मीर नीति के लिए निशाना बनाया।

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विवाद बढ़ने पर भारतीय राजनयिक ने दी प्रतिक्रिया

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बारे में उनकी टिप्पणी और इज़राइल मुद्दे का हवाला संदर्भ से बाहर देखा गया है। चक्रवती ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘सोशल मीडिया पर मेरे पोस्‍ट पर कुछ लोगों ने टिप्‍पणी की है। मेरे विचारों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। जिससे उसका अलग मतलब निकल रहा है।’

‘दुनिया कश्‍मीरी संस्‍कृति के बारे में बात कर रही है’

साल 1967 में वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम पर कब्जा करने के बाद से इज़राइल की 140 बस्तियां बस चुकी है। इन बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है। अमेरिका ने हाल में कहा है कि इज़राइली बस्तियों को अब अवैध नहीं माना जाता है। कश्मीरी पंडितों के साथ मुलाकात के दौरान चक्रवती ने यह भी कहा कि लोग कश्मीरी संस्कृति के बारे में बात कर रहे हैं।

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कश्मीरी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति: भारतीय राजनयिक

संदीप चक्रवर्ती ने कहा, ‘अपनी भूमि के बाहर 2000 साल तक अपनी संस्कृति को जिंदा रखा और वे वापस अपनी भूमि गए। मेरे ख्याल से हम सबको कश्मीरी संस्कृति जीवित रखनी चाहिए। कश्मीरी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति है। यह हिन्दू संस्कृति है।’

उन्होंने कहा, ‘हममें से कोई भी कश्मीर के बिना भारत की कल्पना नहीं कर सकता है।’ पांच अगस्त को भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। चक्रवर्ती ने कहा कि भारत सरकार सिर्फ संशोधन करने के लिए इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय जोखिम नहीं उठाती।’ उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संघर्ष था लेकिन हमने इसे सफलतापूर्वक रोका।

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