चिदंबरम को तिहाड़ जेल: सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से की ऐसी मांग

चिदंबरम के वित्त मंत्री कार्यकाल का है, इस दौरान सीबीआई ने 15 मई 2017 को 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में बरती गई कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। जिस पर फैसला थोड़ी देर में आ सकता है ।

Published by SK Gautam Published: September 3, 2019 | 3:00 pm
Modified: September 3, 2019 | 4:05 pm

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही है। बता दें कि चिदंबरम इन दिनों सीबीआई की हिरासत में हैं। आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार चिदंबरम की सीबीआई हिरासत आज खत्म हो रही है। आज हुई सुनवाई में अदालत में सीबीआई की तरफ से अपील की गई कि पूर्व वित्त मंत्री को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया जाए । हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पी. चिदंबरम 5 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में ही रहेंगे और उसी दिन इसी मामले की सुनवाई होगी ।

आज हुआ ये फैसला….

अदालत में सीबीआई ने कहा है कि अब उन्हें पी. चिदंबरम की हिरासत नहीं चाहिए, ऐसे में पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को तुरंत सुनने से इनकार कर दिया और 5 सितंबर तक के लिए इस मामले को टाल दिया ।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया है कि इस मामले को अब वह 5 सितंबर को ही सुनेंगे । अदालत ने सीबीआई को कहा है कि हमने आपको पहले भी काफी सुना है, ऐसे में उन्हें तबतक सीबीआई की कस्टडी में ही रखा जाए।

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यह है पूरा मामला…

पूरा मामला चिदंबरम के वित्त मंत्री कार्यकाल का है, इस दौरान सीबीआई ने 15 मई 2017 को 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में बरती गई कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। यह मंजूरी 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए दी गई थी। इसके बाद, ईडी ने भी 2017 में इस सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था।

सोमवार को सीबीआई हिरासत की अवधि खत्म होने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया था । सीबीआई ने मामले में चिदंबरम को किसी भी तरह की राहत दिये जाने का विरोध किया था और उनकी हिरासत अवधि एक दिन के लिये बढ़ाए जाने की मांग की थी। चिदंबरम को 21 अगस्त की रात को गिरफ्तार किया गया था।

कल क्या हुआ था अदालत में?

पी चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर दिल्ली की एक अदालत में सोमवार को भ्रम की स्थिति देखने को मिली। सीबीआई और बचाव पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने पक्ष में आदेश पाने के लिये न्यायालय के निर्देश का उल्लेख किया।

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शाम चार बजकर 20 मिनट पर जब सुनवाई शुरू हुई, तो सीबीआई की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ से कहा कि दिन में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गए निर्देश के संबंध में कुछ घटनाक्रम हुए हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत में जब सुबह सुनवाई हुई तो वह न्यायालय में मौजूद नहीं थे क्योंकि वो दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की याद में आयोजित प्रार्थना सभा में हिस्सा ले रहे थे।