सात महीने में ही इस नेत्री का राजनीति से मोहभंग, पहले से दर्ज है देशद्रोह का केस

दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पूर्व छात्रा और नेता शेहला रशीद ने चुनावी राजनीति छोड़ दी है। शेहला का आरोप है कि वह कश्मीरियों के साथ हो रहे बर्ताव को बर्दाश्त नहीं कर सकती हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पूर्व छात्रा और नेता शेहला रशीद ने चुनावी राजनीति छोड़ दी है। शेहला का आरोप है कि वह कश्मीरियों के साथ हो रहे बर्ताव को बर्दाश्त नहीं कर सकती हैं।

जम्मू कश्मीर में होने वाले बीडीसी चुनाव से ऐन पहले शेहला ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है। शेहला रशीद ने कहा कि केंद्र सरकार अब दुनिया को चुनाव कराकर दिखाना चाहेगी कि अभी भी कश्मीर में लोकतंत्र है, लेकिन जो चल रहा है वह लोकतंत्र नहीं, उसकी हत्या है।

बता दें कि इस साल मार्च में शेहला रशीद ने पूर्व आईएएस अफसर और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) शाह फैसल की पार्टी ज्वॉइन की थी।

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शेह्ला ने ने घाटी में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर के हालातों को लेकर ट्वीट किए थे। शेहला ने ट्विटर के माध्यम से दावा किया गया था कि भारतीय सेना द्वारा घाटी के लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं।

शेहला ने एक के बाद एक करते हुए लगातार 10 ट्वीट किए, जिसके बाद भारतीय सेना रशीद के सभी दावों को खारिज करते हुए इसे फेक न्यूज करार दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। भारतीय सेना ने कहा कि कुछ आसामाजिक तत्व और संगठन नफरत भरी खबरों को फैलाकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने शेहला रशीद के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दायर की थी। जिसमें कथित तौर पर भारतीय सेना और भारत सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई थी।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद को देशद्रोह मामले में राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। इसका अर्थ ये है कि अभी देशद्रोह के मामले में दायर एफआईआर के चलते उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

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फेक न्यूज से लोगों को भड़काया जा रहा: आर्मी

भारतीय सेना ने शेहला राशिद के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। सेना ने कहा है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ असामाजिक तत्व और संगठन नफरत भरी झूठी खबरें फैलाकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

कौन हैं शेहला राशिद?

शेहला राशिद जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर हैं। 2015-16 में यूनिवर्सिटी के छात्र संघ की उपाध्यक्ष बनी थीं। इसी साल मार्च में शाह फैसल की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट से जुड़ गई थीं। शाह फैसल पूर्व आईएएस हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़कर अपनी पार्टी बनाई है।

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