यहां आकर पक्षी करते हैं सुसाइड! जानिए भारत की इस रहस्यमयी जगह के बारे में

भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगहे हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है। ऐसी ही एक जगह देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में है जिसका नाम जतिंगा घाटी है। यह घाटी आज भी पक्षियों के लिए पहेली है। यहां पर हर साल बड़े पैमाने पर पक्षी आकर आत्महत्या कर लेते हैं।

नई दिल्ली: भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगहे हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है। ऐसी ही एक जगह देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में है जिसका नाम जतिंगा घाटी है। यह घाटी आज भी पक्षियों के लिए पहेली है। यहां पर हर साल बड़े पैमाने पर पक्षी आकर आत्महत्या करते हैं। आज हम आपको इस जगह और इसकी वजह के बारे में बताते हैं।

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जतिंगा घाटी में कृष्ण पक्ष की रात में अजीबोगरीब यह घटना बढ़ जाती है। कृष्ण पक्ष की रात में चंद्रमा नहीं निकलता है और शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच में ये हादसा होता है। जतिंगा घाटी में साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर में गहरी धुंध छाई रहती है और इस दौरान तेज हवाएं भी चलती हैं।

इसके पीछे अलग-अलग वजह बताई जाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इसके पीछे भूत प्रेत और अदृश्य ताकतों का हाथ है। तो वहीं वैज्ञानिक मानते हैं कि रात को तेज हवाए चलती हैं जिसकी वजह से पक्षियों का संतुलन बिगड़ जाता है।

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वैज्ञानिक कहते हैं कि यहां कंटीले और घने जंगल हैं। साथ ही यहां अंधेरा रहता है जिसके कारण वह पेड़ों से टकरा जाते हैं, झाड़ियों में फंस जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। मरने वाली इन पक्षियों में करीब 40 प्रजातियां शामिल हैं जो स्थानीय और प्रवासी दोनों हैं।

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भारत सरकार ने पक्षियों की मौत की इस पहेली को सुलझाने की जिम्मेदारी प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सेन गुप्ता को दी थी। उन्होंने काफी रिसर्च करने के बाद बताया कि इसकी वजह मौसम और चुंबकीय शक्तियां हैं।