कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट, कुमारस्वामी सरकार का गिरना तय

करीब 15 दिन से कर्नाटक में चल रहा सियासी संग्राम शुक्रवार को खत्म हो सकता है। दरअसल 19 जुलाई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, इससे साफ हो जाएगा कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार बचेगी या नहीं, लेकिन विधानसभा में वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में स्वामी सरकार का गिरना तय माना जा रहा है।

बेंगलुरु: करीब 15 दिन से कर्नाटक में चल रहा सियासी संग्राम शुक्रवार को खत्म हो सकता है। दरअसल 19 जुलाई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है, इससे साफ हो जाएगा कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार बचेगी या नहीं, लेकिन विधानसभा में वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में स्वामी सरकार का गिरना तय माना जा रहा है।

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विधानसभा में कुल मिलाकर 205 विधायक मौजूद थे

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कल यानी शुक्रवार दोपहर बहुमत साबित करने को कहा है। कर्नाटक विधानसभा में अभी की स्थिति को देखें तो गुरुवार को विधानसभा में कुल मिलाकर 205 विधायक मौजूद थे, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 103 बनता है। इसमें बीजेपी के पास 105 विधायक हैं, और कांग्रेस-जेडीएस अपने सभी विधायकों को मिलाकर 100 तक ही पहुंच रहे थे। आज विधानसभा की कार्यवाही से गायब रहने वाले विधायकों की संख्या 20 हो गई, जिनमें कांग्रेस के 14 विधायक, जेडीएस के 3 विधायक, बीएसपी का 1 विधायक और 2 निर्दलीय शामिल थे।

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यह है बहुमत का गणित

कर्नाटक विधानसभा में एक मनोनीत विधायक समेत कुल 225 सदस्य हैं। सदन में 224 निर्वाचित सदस्य हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर मनोनीत सदस्य भी वोट डाल सकता है। अगर 15 विधायक (एक ने इस्तीफा वापस लिया) वोटिंग में गैरहाजिर रहते हैं तो कुल संख्याबल 210 पहुंच जाएगा। ऐसे में बहुमत के लिए 106 के जादुई आंकड़े की जरूरत होगी। बीजेपी के पास कुल 105 विधायक हैं। यानी बागियों के वोटिंग से बाहर रहने की सूरत में उसे कुमारस्वामी की सरकार गिराने के लिए सिर्फ एक विधायक का समर्थन जरूरी होगा। दो निर्दलीय विधायकों (एच नागेश और आर शंकर) ने पहले ही बीजेपी को समर्थन दे रखा है। साथ ही बसपा का भी एक विधायक गुरुवार को सदन से गायब रहा।