सरकार का बड़ा फैसला! बसों में होगी हाईटेक सुरक्षा, कंट्रोल रूम से होगी लाइव स्ट्रीमिंग

राजधानी दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत ने बताया है कि दिल्ली सरकार ने बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मार्शल नियुक्त करने का फैसला किया और अब हर बस में सीसीटीवी, जीपीएस व पैनिक बटन होगा।

नई दिल्ली: दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की पुरानी बसों में सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने के लिए सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन लगाए जाने का फैसला किया है। इसकी प्रक्रिया अगले दस दिनों में शुरू हो सकती है।

इस काम के लिए जारी किया गया टेंडर पास हो गया है। अब गुरुवार को दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के बाद वर्क अवॉर्ड कर दिया जाएगा। हालांकि बसों में सीसीटीवी को लेकर पहले तीन बार टेंडर फेल हो चुका था, जिसके चलते इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में देरी हुई।

ये भी देखें : यूपी: इस बड़े मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में विपक्ष के निशाने पर होगा पूरा सत्तापक्ष

बसों में सीसीटीवी, जीपीएस व पैनिक बटन होगा

राजधानी दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत ने बताया है कि दिल्ली सरकार ने बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मार्शल नियुक्त करने का फैसला किया और अब हर बस में सीसीटीवी, जीपीएस व पैनिक बटन होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार को निर्भया फंड से भी राशि मिलनी थी लेकिन केंद्र की ओर से यह पैसा नहीं दिया गया।

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा कि बसों में सीसीटीवी प्रोजेक्ट पर दिल्ली सरकार 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अपने स्तर पर यह प्रोजेक्ट पूरा करने का फैसला किया है। टेंडर खुल गया है और गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। जिसके बाद अगले कुछ दिनों में वर्क अवॉर्ड हो जाएगा।

ये भी देखें : अभी-अभी 58 की दर्दनाक मौत: चलते-चलते पलट गई नाव, बचाव कार्य जारी

बता दें कि दिल्ली में डीटीसी की करीब 3750 बसें हैं, जिनमें सीसीटीवी व जीपीएस लगाए जाएंगे। डीटीसी बसों की भी जीपीएस के जरिए निगरानी हो सकेगी। डीटीसी की सभी पुरानी बसों को जीपीएस के दायरे में लाया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि जब सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लग जाएगा तो बस स्टैंड पर पब्लिक इंफर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) भी लगाया जाएगा और मुसाफिरों को बस स्टैंड पर बस की टाइमिंग की सही जानकारी मिल सकेगी।

क्लस्टर स्कीम की 1650 पुरानी बसें हैं। सभी पुरानी बसों में सीसीटीवी व जीपीएस लगाए जाएंगे। क्लस्टर स्कीम में जो नई बसें आ रही हैं, उनमें सीसीटीवी, पैनिक बटन और जीपीएस समेत सभी मॉडर्न टेक्नॉलजी मौजूद हैं।

ये भी देखें : यूपी: इस बड़े मुद्दे पर शीतकालीन सत्र में विपक्ष के निशाने पर होगा पूरा सत्तापक्ष

कंट्रोल रूम से होगी लाइव स्ट्रीमिंग की भी फैसिलिटी

डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की बसों में आईपी बेस्ड सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां पर लाइव स्ट्रीमिंग की भी फैसिलिटी होगी। पैनिक बटन के जरिए किसी भी बस के बारे में शिकायत मिलती है तो कंट्रोल रूम में तुरंत उस बस की लाइव स्ट्रीमिंग देखी जा सकेगी। बसों के ड्राइवर व कंडक्टर के साथ बसों में तैनात किए जाने वाले मार्शलों को भी पैनिक अलॉर्म सिस्टम के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी।

ये भी देखें : मोदी-शाह पर गरजे राहुल: वायनाड में दिया ये बड़ा बयान

हर बस में 4 पैनिक बटन और कम से कम 3 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बस में जब कोई पैनिक बटन दबाएगा तो उसके बाद ड्राइवर और कंट्रोल रूम के बीच संपर्क होगा और ड्राइवर बस के हालात के बारे में बताएगा। उसके बाद कंट्रोल रूम और पुलिस के बीच हॉटलाइन के जरिए बातचीत होगी और पुलिस को बस की लोकेशन के बारे में बताया जाएगा।