मौत की बारिश, यहां 10 सेकेण्ड में तास के पत्तों की तरह बिखर गया मकान, कई दबे

मुंबई के मलाड इलाके में इमारत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसा अब्दुल हमीद मार्ग पर स्थित एक इमारत में हुआ है। बताया जा रहा है इमारत काफी जर्जर हालत में थी। बारिश की मार नहीं झेल पाई और भर-भराकर गिर गई।

Published by Aditya Mishra Published: July 16, 2020 | 6:33 pm
Modified: July 16, 2020 | 8:56 pm

वर्ली: मुंबई के मलाड इलाके में इमारत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसा अब्दुल हमीद मार्ग पर स्थित एक इमारत में हुआ है। बताया जा रहा है इमारत काफी जर्जर हालत में थी। बारिश की मार नहीं झेल पाई और भर-भराकर गिर गई।

मलबे के नीचे से चार लोगों को जिंदा निकाला गया हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी हैं। जबकि 13 लोग घायल बताये जा रहे हैं। उन्हें आनन –फानन में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू आपरेशन खत्म हो चुका है। घायलों को मलबे से निकालने से और उन्हें अस्पताल लाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां, एक वैन और एक एंबुलेंस मौके लगाई गई थी।

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मुंबई में पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटनाएं

यहां बताते चलें कि मुंबई में लगभग ऐसी घटनाएं हर साल देखने को मिलती है। जब भी बारिश का मौसम शुरू होता है इसी तरह के हादसे सामने आते रहते हैं।

सरकार की तरफ से लोगों को पुराने और जर्जर हो चुके मकानों को खाली करने के निर्देश हर साल दिए जाते हैं लेकिन अभी भी बहुत से लोग हैं जो अपनी जान जोखिम में डालकर इन मकानों में रह रहे हैं।

मालूम हो कि मुंबई के मलाड ईस्ट के पिंपरीपाड़ा में भारी बारिश के कारण इसी साल दो जुलाई को दीवार गिर गई थी। इस हादसे में करीब 27 लोगों की मौत हो गई थी।

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पुणे हादसे में 15 लोगों की गई थी जान

उससे पहले पुणे के पास कोंढवा इलाके में भी 28 जून देर रात एक मकान की दीवार गिर गई थी। जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी।

यहां ये भी बता दें कि सितंबर, 2017 में दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार मुहल्ले की पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला हुसैनी इमारत भरभराकर गिर गई थी।

जिसमें सबसे टॉप फ्लोर पर नौ परिवार रहते थे और ग्राउंड फ्लोर पर कुछ दुकानें थीं। बताया जाता हैं कि ये बिल्डिंग  तकरीबन 117 साल पुरानी थी। 2011 में ही इसे अत्यंत जर्जर बताकर खाली करने की नोटिस दी जा चुकी थी। लेकिन लोगों ने इसे खाली नहीं किया था।

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