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कोरोना के इलाज में काम आ सकती है मलेरिया की दवा, आईसीएमआर ने दी मंजूरी

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने (आईसीएमआर) द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन को कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूरी दी है।

Aditya Mishra
Updated on: 24 March 2020 11:08 AM GMT
कोरोना के इलाज में काम आ सकती है मलेरिया की दवा, आईसीएमआर ने दी मंजूरी
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मलेरिया के इलाज में काम आने वाली दवा के इस्तेमाल को मंजूरी दी गयी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने (आईसीएमआर) द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन को कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूरी दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उन्होंने यह एडवाइजरी उन लोगों के लिए जारी की है जो संदिग्ध या पुष्ट कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

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आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस के संदिग्ध या पुष्ट मामलों को देख रहे स्वास्थ्यकर्मियों और पुष्ट मरीजों के संपर्क में अति जोखिम वाले लोगों को हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दी जानी चाहिए।

नेशनल टास्क फोर्स द्वारा सिफारिश की गई इस ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को भारत के औषधि महानियंत्रक ने भी मंजूरी दे दी है, हालांकि इस दवा का इस्तेमाल अभी आपात परिस्थिति में सीमित मात्रा में ही किया जाएगा।

हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दवा की अनुशंसा 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं की गई है। इसके साथ ही आंख की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी इस दवा का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। परामर्श के मुताबिक सिर्फ पंजीकृत चिकित्सा पेशेवर के निर्देश पर ही यह दवा दी जा सकती है।

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दवा के इस्तेमाल में बरती जाएं सावधानी

नेशनल टास्क फोर्स द्वारा की गयी सिफारिश में कहा गया है कि दवा के इस्तेमाल में यह सावधानी बरती जानी चाहिए कि पहले 400 मिलीग्राम की दवा दिन में दो बार दी जाएगी।

इसके बाद 400 मिलीग्राम सप्ताह में एक बार 7 हफ्ते तक दिया जाएगा। हालांकि कुछ डॉक्टर का कहना यह भी है कि डॉक्टर की इजाजत के बिना यह दवा लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत देश के 10 से अधिक राज्यों में लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के बाद भी लोग अपने घरों से निकल रहे हैं, ऐसे में विभ‍िन्न शहरों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।

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