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दूध बेचने वाली बनी करोड़ो की मालकिन, खुद को नहीं पता कहां-कहां प्रापर्टी

करोड़ों की जमीन की मालकिन संजू देवी मीणा इतनी अमीर होते हुए भी खेती और पशुपालन कर अपने बच्चों को पाल रही है। उसे तो यह भी नहीं पता उसके नाम पर कीमती जमीन कहां पर है। वह तो बस इतना जानती है कि पति की मौत के बाद उसे हर माह कोई पांच हजार रुपए घर का खर्च चलाने के लिए भेजता था।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 3 July 2019 8:37 AM GMT

दूध बेचने वाली बनी करोड़ो की मालकिन, खुद को नहीं पता कहां-कहां प्रापर्टी
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Sanju Devi
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नई दिल्ली : करोड़ों की जमीन की मालकिन संजू देवी मीणा इतनी अमीर होते हुए भी खेती और पशुपालन कर अपने बच्चों को पाल रही है। उसे तो यह भी नहीं पता उसके नाम पर कीमती जमीन कहां पर है। वह तो बस इतना जानती है कि पति की मौत के बाद उसे हर माह कोई पांच हजार रुपए घर का खर्च चलाने के लिए भेजता था। यह पैसा भी पिछले तीन वर्ष से बंद कर दिया गया है।

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मुंबई के हीरानंदानी ग्रुप की ‘हेजलनट कंस्ट्रक्शन’ कंपनी की करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खेल उजागर होने के बाद नीमकाथाना की पहाडिय़ों के बीच दीपावास गांव की ढाणी में रहने वाली इस महिला के घर मीडिया की टीम पहुंची, तो बेनामी संपत्ति खरीदने के इस खेल का खुलासा हुआ।

दरअसल मंगलवार को संजू देवी के नाम से जयपुर-दिल्ली हाइवे पर छह गांवों में खरीदी गई 64 बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग ने प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है। इन जमीनों का बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

संजू पढ़ी-लिखी नहीं

संजू पढ़ी-लिखी नहीं है, अंगूठा लगवाया गया था। संजू के नाम आमेर तहसील के कूकस, खोरामीणा, हरवर, ढन्ड, नांगल तुर्कान और राजपुर खान्या गांवों में स्थित ये जमीनें 2006 में खरीदी गई थी। इस 36 हेक्टेयर जमीन का भुगतान (12.93 करोड़ रुपए) हीरानंदानी ग्रुप की ‘हेजलनट कंस्ट्रक्शन’ ने किया था।

कंपनी ने संजू के नाम का उपयोग किया। बाद में मुंबई निवासी चंद्रकांत मालवंकर के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी करा ली थी। संजू देवी से जब इस बारे में बात की गई तो उसका कहना है कि वह तो पढ़ी-लिखी नहीं है। उसके तो कागजों पर अंगूठे लगावाए गए थे।

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संजू देवी का पति नारूराम और फुफेर ससुर मुंबई में काम करते थे। बकौल संजू देवी जमीन खरीदने के बात कहकर वर्ष 2006 में दोनों उसे साथ ले गए थे। इस दौरान मुंबई के भी कुछ लोग आए थे। उन्होंने जमीन के कागजों पर उससे अंगुठे लगवाए गए थे।

करीब दस वर्ष पहले उसके पति नारूराम की मौत हो गई। संजू देवी को तीन माह पहले आयकर विभाग की टीम ने नीमकाथाना भी बुलाया था। उससे जमीन के खरीद के संबंध में पूछताछ की गई।

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