केंद्र सरकार ने बदला पीएम रिलीफ फंड का नाम, अब हुआ ये

पीएम केयर्स फंड में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के फंड को भी जमा करने की अनुमति रहेगा। बताया जा रहा है कि 2013 के पीएम रिलीफ फंड के कुछ भागों को संशोधन कर पीएम केयर्स फंड बनाया गया है।

नयी दिल्ली : कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ने में केंद्र सरकार को आर्थिक सहायता देने के लिए देश हर क्षेत्र के उद्द्यामियों ने धनराशि दान की थी। केंद्र सरकार ने जिस फंड में इस धनराशि को इकठ्ठा किया गया उसका नाम पीएम रिलीफ फंड से बदलकर पीएम केयर्स फंड कर दिया है। सरकार ने इसको लेकर एक गैजेट भी जारी कर दिया है। अब से पीएम रिलीफ फंड पीएम केयर्स फंड के नाम से जाना जायेगा।

विपक्ष ऑडिट की मांग समय-समय पर करता रहा है

एक रिपोर्ट के अनुसार पीएम केयर्स फंड में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के फंड को भी जमा करने की अनुमति रहेगा। बताया जा रहा है कि 2013 के पीएम रिलीफ फंड के कुछ भागों को संशोधन कर पीएम केयर्स फंड बनाया गया है। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना से लड़ने के लिए बनें पीएम केयर फंड के पारदर्शिता पर सवाल उठा चुके हैं।

ये भी देखें: पुलिस अफसर की कर दी ईँट से कूचकर हत्या, आरोपित युवक गिरफ्तार

किसने पैसे दिये और वो कहां खर्च हुआ

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पीएम केयर फंड का ऑडिट होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि वो पीएम केयर फंड का ऑडिट कर बताये कि किसने पैसे दिये और वो कहां खर्च हुआ?

देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्र पति ने एक महीने का वेतन किया था दान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्र्पति वेंकैया नायडू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय केयर फंड में एक महीने का वेतन जमा करा चुके हैं। राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट किया था कि राष्ट्रपति कोविंद राष्ट्र को कोविड-19 के इस संकट से उबरने में मदद करने के लिए पीएम केयर्स में एक महीने की अपनी तनख्वाह देने का वादा करते हैं। ट्वीट में कहा गया है, वह सभी नागरिकों से कोविड-19 को पराजित करने में मदद करने के लिए पीएम केयर्स में उदारता से दान करने की अपील करते हैं।

ये भी देखें: कम खर्चा और ज्यादा बचत से चीन परेशान