मोहन भागवत का बड़ा बयान- गाय सेवा से कम होगा अपराध

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को बयान देकर फिर सुर्खिया बटोर ली है। भागवत ने कहा- कि कैदियों को गाय की सेवा का काम देने से उनकी अपराध करने की मनोवृत्ति कम होती है।

Published by suman Published: December 8, 2019 | 9:55 am
Modified: December 8, 2019 | 9:58 am

पुणे: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर  शनिवार को बयान देकर फिर सुर्खिया बटोर ली है। भागवत ने कहा- कि कैदियों को गाय की सेवा का काम देने से उनकी अपराध करने की मनोवृत्ति कम होती है। यह बात भागवत गाय से संबंधित विज्ञान पर शोध करने वाली गो-विज्ञान संशोधन संस्था के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे।

भगवत ने कहा, ‘गाय ब्रह्मांड की जननी है। यह मिट्टी को पोषण देती है, जीवों, पक्षियों और मनुष्यों का पालन करती है और उन्हें बीमारियों से बचाती है। जब जेलों में गोशाला स्थापित की जाती है और कैदी गोसेवा करने लगते हैं, तो उनमें अपराध करने की मनोवृत्ति कम हो जाती है।’

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उन्होंने कहा, ‘यदि गाय के गुणों को दुनिया के सामने लाना है तो हमें दस्तावेज बनाने होंगे। हमें कैदियों पर मनोवैज्ञानिक प्रयोग करने होंगे और उनके द्वारा कुछ समय तक गोसेवा के बाद उनमें आए बदलावों की समीक्षा करनी होगी। विभिन्न जगहों से इसके परिणाम एकत्रित करने होंगे।’ भागवत ने गोसेवा पर जोर देते हुए कहा कि इतने बड़े समाज में यदि हर व्यक्ति एक गाय की जिम्मेदारी ले ले तो किसी गाय को कसाई के पास भेजने की नौबत नहीं आएगी।

 

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भागवत ने कहा कि छुट्टा घूमती गायों को आश्रय देने वाले संगठनों के पास जगह की कमी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज में अगर हर व्यक्ति एक गाय को पालने का निर्णय कर ले तो यह समस्या सुलझ जाएगी और गाय बूचड़खाने में जाने से बच जाएंगी। उन्होंने कहा कि आज हिंदू ही ही हैं जो गायों को बूचड़खाने भेज रहे हैं। मोहन भागवत ने हैदराबाद व उन्नाव की घटना का जिक्र किए बिना महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सरकार पर सब कुछ छोड़ देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बच्चों को घरों से ही शिक्षित करना होगा, ताकि महिलाओं को देखने का उनका नजरिया अच्छा हो।