अब 14 अप्रैल तक देश में नहीं चलेगी कोई ट्रेन, लॉकडाउन के बाद रेलवे का बड़ा फैसला

देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 21 दिन के लॅाकडाउन के एलान के बाद भारतीय रेलवे ने भी बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में देश में 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया था।

नई दिल्ली:  देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 21 दिन के लॅाकडाउन के एलान के बाद भारतीय रेलवे ने भी बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में देश में 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया था।

माल ढुलाई जारी रहेगी इस एलान के बाद अब भारतीय रेलवे ने अपनी सभी यात्री सेवाओं को 14 अप्रैल तक स्थगित रखने का फैसला किया है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान पूरे देश में आवश्यक माल ढुलाई जारी रहेगी।

ये भी पढ़ें…रेलवे पर कोरोना का खौफ: कैंसिल की गई 750 से ज्यादा ट्रेनें, यहां देखें पूरी लिस्ट

पहले 31 तक रद्द थीं ट्रेनें

इससे पहले रेलवे ने गत रविवार को यह कहते हुए अपनी सभी यात्री सेवाओं को 31 मार्च तक स्थगित करने का फैसला लिया था कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति अन्य लोगों में भी यह वायरस पहुंचा रहे हैं।

रेलवे ने 31 मार्च तक केवल माल गाड़ियों का ही संचालन करने की घोषणा की थी। इस निलंबन में उपनगरीय रेल भी शामिल थी।लेकिन अब पीएम मोदी के 21 दिनों के देशव्यापी लॉकटाउन के एलान के बाद रेलवे ने लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए 14 अप्रैल तक सभी यात्री ट्रेनों को स्थगित रखने का फैसला किया है।

खिड़कियां हुईं बंद

रेलवे स्टेशनों पर रिजर्वेशन रद्द कराने के लिए मंगलवार को खिड़कियां खुली थी मगर बाद में उन्हें भी बंद कर दिया गया। खिड़कियों पर बाकायदा इसकी सूचना भी चस्पा कर दी गई।

रेलवे ने ट्रेनों के निरस्त होने के कारण रिजर्वेशन रद्द कराने वाले यात्रियों को बगैर कटौती किए तीन माह तक रिफंड की सुविधा देने की घोषणा की है।रिफंड के लिए खोली गई खिड़कियों को बंद करने का फैसला इसलिए किया गया क्योंकि इन खिड़कियों पर भीड़ लगने लगी थी। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थितियों के सामान्य होने पर विंडो खोली जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि लोग रिफंड लेने के लिए परेशान ना हो।

रेलवेः 250 स्टेशनों पर बढ़ी प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत, अब 50 रुपये का हुआ

स्टेशनों पर सन्नाटा

लॉकडाउन की घोषणा के बाद देश के सारे प्रमुख स्टेशनों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।आम दिनों में 24 घंटे गुलजार रहने वाले रेलवे स्टेशनों पर एक भी यात्री नहीं दिख रहा है। स्टेशनों पर सभी तरह के रेस्टोरेंट,फूड प्लाजा व स्टाल बंद हो गए हैं।

सिर्फ माल गाड़ियों का ही संचालन किया जा रहा है। माल गाड़ियों के चालक व गार्ड और स्टेशन का स्टाफ भी अपनी ड्यूटी कर रहा है। रनिंग रूम व गार्ड लाबी में भी ड्यूटी लगी हुई है। लेकिन कर्मचारियों को खाने-पीने का कोई सामान नहीं मिल पा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि स्थितियों के सामान्य होने में अभी और समय लगेगा। ट्रेनों के रद्द होने के कारण देश के विभिन्न शहरों में फंसे यात्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वह जहां है वही बने रहें और अपने घरों में रहें।

रेलवे का बड़ा एलान: अब टिकट बुक कराने में होगी परेशानी, बदलेंगे नियम