×

रुलाएगा पेट्रोल-डीजल: अब मचेगा चारों तरफ हाहाकार, तेल के दाम और बढ़ेंगे

इराक के कहना है कि उसकी इकोनॉमी के लिए तेल के दाम 80 डॉलर होना फायदेमंद होगा। अगर ओपेक देश इसी राह पर चलते रहे तो पेट्रोल 120 से कहीं आगे पहुंच जाएगा। ओपेक देश आपसी समझौता करके प्रोडक्शन घटाते बढ़ाते रहते हैं।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 15 Feb 2021 12:05 PM GMT

रुलाएगा पेट्रोल-डीजल: अब मचेगा चारों तरफ हाहाकार, तेल के दाम और बढ़ेंगे
X
रुलाएगा पेट्रोल-डीजल: अब मचेगा चारों तरफ हाहाकार, तेल के दाम और बढ़ेंगे
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नीलमणि लाल

लखनऊ। पेट्रोल डीजल के दामों को और आगे ले जाने की तैयारी है। इस काम में इराक और ओपेक के अन्य मेम्बर देश जुटे हुये हैं। ओपेक देशों ने साफ कर दिया है कि 4 मार्च की बैठक में तेल प्रोडक्शन बढ़ाने या कीमत में कटौती पर कोई चर्चा नहीं होगी। इराक ने तो और आगे जा कर कहा है कि वह चाहता है कि कच्चे तेल के दाम 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएं। अभी ये दाम 60 डॉलर हैं। इराक के कहना है कि उसकी इकोनॉमी के लिए तेल के दाम 80 डॉलर होना फायदेमंद होगा। अगर ओपेक देश इसी राह पर चलते रहे तो पेट्रोल 120 से कहीं आगे पहुंच जाएगा। ओपेक देश आपसी समझौता करके प्रोडक्शन घटाते बढ़ाते रहते हैं।

भारत नई जगह से खरीद करेगा

मिडिल ईस्ट के कच्चे तेल उत्पादक देशों की मनमानी के कारण भारत अब अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका से खरीदारी करने की सोच रहा है। कोरोना के चलते भारत में बीते साल तेल की डिमांड काफी कम रही। वैसे तो तेल सप्लाई के लिए भारत के नियत सप्लायर सऊदी अरब और इराक जैसे देश हैं लेकिन जरूरत के अनुसार स्पॉट खरीदारी भी की जाती है। पिछले साल की तुलना में इस साल स्पॉट खरीदारी 10 से 15 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है। मतलब ये कि भारत अन्य सोर्सेज से और ज्यादा तेल खरीदेगा।

ये भी देखें: ये ‘टूलकिट’ क्या है: किसान आंदोलन से क्या है कनेक्शन, जानें पूरी डिटेल

opec

अमेरिका के शेल तेल मैदानों पेट्रोल और एलपीजी ज्यादा निकलता है

मिडिल ईस्ट के तेल से डीज़ल ज्यादा निकलता है जबकि उत्तरी सागर, वेस्ट अफ्रीका और अमेरिका के शेल तेल मैदानों के कच्चे तेल से पेट्रोल और एलपीजी ज्यादा निकलता है। चूंकि कोरोना के कारण लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बजाए अपने वाहनों को ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिये बहुत से देशों में पेट्रोल की डिमांड ज्यादा बढ़ी है। यही वजह है कि भारत का नाइजीरिया से आयात 68 फीसदी और अमेरिका से 77 फीसदी बढ़ा है।

ये भी देखें: अजब प्रेम की गजब कहानी: आरोपी से होगी जज की शादी, सभी आए सकते में

ओपेक देशों और रूस ने बीते साल अपने तेल प्रोडक्शन में 97 लाख बैरल प्रतिदिन की रिकार्ड कटौती की थी। सऊदी अरब तो दाम बढ़ाने के लिए अपना प्रोडक्शन और भी घटाने की योजना पर चल रहा है।

दोस्तों देश दुनिया की और को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

SK Gautam

SK Gautam

Next Story