SCO की कॉन्फ्रेंस में भाग लेने नहीं पहुंचा पाकिस्तान, भेजा गया था न्योता

नई दिल्ली में आयोजित किए गए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के सैन्य चिकित्सकों के दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस(मिलिट्री मेडिसिन कॉन्फ्रेंस) में हिस्सा लेने पाकिस्तान नहीं पहुंचा।

Published by Aditya Mishra Published: September 12, 2019 | 12:39 pm
Modified: September 12, 2019 | 12:51 pm

नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित किए गए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के सैन्य चिकित्सकों के दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस(मिलिट्री मेडिसिन कॉन्फ्रेंस) में हिस्सा लेने पाकिस्तान नहीं पहुंचा।

इस कॉन्फ्रेंस में 27 देशों के प्रतिनिधि मंडल हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल की तीन कुर्सियां खाली हैं। इस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ भी मौजूद हैं।

बता दे कि दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में हो रहे कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया गया था।

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इन देशों को भेजा गया था न्योता

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान एससीओ का सदस्य है, इसलिए उसे इस कार्यक्रम के लिए न्योता भेजा गया था। एससीओ के भारत, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, पाकिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं।

भारत 2017 में इस संगठन में शामिल हुआ था और एससीओ के तहत भारत में आयोजित होने वाला यह पहला सैन्य सहयोग समारोह है।

एससीओ रक्षा सहयोग योजना 2019-20 के सहयोग से मिलिट्री मेडिसिन पर दो दिवसीय कांफ्रेंस 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है।

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कांफ्रेंस का मकसद मिलिट्री मेडिसिन, क्षमताओं का निर्माण करना

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा ‘हेडक्वाटर्स इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टॉफ’ के तत्वाधान में भारतीय सशस्त्र सेना की ओर से बैठक आयोजित है।

अधिकारी ने कहा, “कांफ्रेंस का मकसद मिलिट्री मेडिसिन, क्षमताओं का निर्माण करने और आम चुनौतियों से निपटने के क्षेत्र में सबसे अच्छे अभियान को साझा करना है।”

भारतीय सशस्त्र सेना रैपिड एक्शन मेडिकल टीम को प्रदर्शित करेगी और नई दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में अलग अलग प्रतिभागी देशों के विशेषज्ञों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए एक टूर का आयोजन करेगी। भारत के पड़ोसी देश नेपाल और श्रीलंका भी वार्ता साझेदार के तौर पर इस कांफ्रेंस में शामिल हो रहे हैं।

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