पाकिस्तान ने बरसाए गोले, मस्जिद को भी नहीं छोड़ा इस बेशर्म देश ने

जम्मू- कश्मीर के पूंछ इलाके में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने मस्जिद में गोले भी बरसाए। मस्जिद में लोग इसी डर की वजह से नमाज भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। 

पाकिस्तान ने बरसाए गोले, मस्जिद को भी नहीं छोड़ा इस बेशर्म देश ने

पाकिस्तान ने बरसाए गोले, मस्जिद को भी नहीं छोड़ा इस बेशर्म देश ने

नई दिल्ली : जम्मू- कश्मीर के पूंछ इलाके में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने मस्जिद में गोले भी बरसाए। मस्जिद में लोग इसी डर की वजह से नमाज भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। पाकिस्तान घाटी में अशांति फैलाने के लिए इस तरह की नापाक हरकतों से लोगों को दहशत में लाने का प्रयास कर रहा है।

तिलमिलाया पाकिस्तान

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के हटने के बाद से ही पाकिस्तान बार-बार सीजफायर और साजिशे करने से बाज नहीं आ रहा है। घाटी में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होता देख पाकिस्तान को ये बात हजम नही हो पा रही है। जैसे-जैसे घाटी की हालत आम दिनों की तरह हो रही वैसे-वैसे पाक की हालत नीचें गिरती यानी बेचैनी बढ़ती जा रही है। और इसी के चलते आतंकवादी जम्मू-कश्मीर के लोगों में डर पैदा करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

ये भी देखें:वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन

पाकिस्तान इस तरह तिलमिलाया हुआ है कि कुछ दिन पहले घाटी में पोस्टर चिपकाकर नौकरी कर रहे लोगों को धमकाने में लगे हुए हैं। इसके साथ ही अब शोपियां में हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर लगाए गए हैं। और इस पोस्टर में इमरान खान की भी तस्वीर लगी थी। बता दें कि इस पोस्टर के जरिए आतंकियों ने सरकारी कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टरों और सेब कारोबारियों को धमकी दे रहे है।

बता दें कि कुछ नकाबपोश युवक भी कथित तौर पर श्रीनगर और सोपोर की कुछ मस्जिदों में दिखाई दिए। उन्होंने लोगों को सामान्य गतिविधियों को फिर से शुरू नहीं करने की चेतावनी दी। इस बार मस्जिदों का इस्तेमाल भी भावनाएं भड़काने के लिए कर रहे है।

ये भी देखें:अभी-अभी भूकंप का कहर! हिल गए भारत के कई राज्य, दहशत में लोग

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘यह आतंकवादियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इसीलिए वे नागरिकों की हत्याओं का सहारा ले रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। इस तरह की रणनीति उनके लिए ही नुकसानदेह है क्योंकि आम आदमी ने उनके इशारों पर चलने से मना कर दिया है।’