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अब एनडीए के घटक लोजपा ने की चुनाव टालने की मांग, आयोग को लिखी चिट्ठी

पार्टी का कहना है कि बिहार में कोरोना संक्रमण से गंभीर स्थिति पैदा हो चुकी है और विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर- नवंबर में कोरोना का कहर और बढ़ सकता है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 31 July 2020 6:56 PM GMT

अब एनडीए के घटक लोजपा ने की चुनाव टालने की मांग, आयोग को लिखी चिट्ठी
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अंशुमान तिवारी

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी बिहार विधानसभा चुनाव को टालने की मांग की है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पहले ही अक्टूबर-नवंबर के महीने में प्रस्तावित चुनाव को टालने की मांग कर चुके हैं। अब लोजपा ने चुनाव टालने की मांग करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में बाढ़ और कोरोना को देखते हुए चुनाव टालने की मांग की गई है।

खतरे में पड़ जाएगा लोगों का जीवन

लोजपा की ओर से चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा गया है कि अक्टूबर-नवंबर के दौरान कोरोना का कहर और अधिक बढ़ने की आशंका है। ऐसे में उस समय चुनाव कराने से लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार को अपने संसाधनों का इस्तेमाल कोरोना का संक्रमण रोकने और बाढ़ से निपटने में करना चाहिए। तय समय पर चुनाव कराने से सरकार का ध्यान इन दोनों प्रमुख मुद्दों से हट जाएगा। पार्टी का कहना है कि बिहार में कोरोना संक्रमण से गंभीर स्थिति पैदा हो चुकी है और विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर- नवंबर के महीने में कोरोना का कहर और बढ़ सकता है।

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ऐसी स्थिति में चुनाव कराने से बेहतर होगा कि लोगों की जिंदगी बचाने को महत्व दिया जाए। लोजपा की ओर से आयोग को लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है की लोगों के जीवन को खतरे में डालकर चुनाव कराना उचित नहीं होगा। बिहार में कोरोना से मरने वालों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है और ऐसी स्थिति में चुनाव कराकर लोगों को मौत के मुंह में धकेलना उचित नहीं होगा। कोरोना के साथ ही बाढ़ का संकट भी काफी गंभीर हो चुका है। ऐसे में चुनाव टालना ही उचित होगा।

जदयू भी कर चुका है चुनाव टालने की मांग

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लोजपा का चुनाव टालने की मांग करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह भाजपा और जदयू के साथ एनडीए में शामिल है। एनडीए में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू समय पर चुनाव कराने के पक्ष में है। जदयू की ओर से चुनाव को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। जदयू ने अपने संगठन की बैठक आयोजित कर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। ऐसे में एनडीए के दूसरे घटक का चुनाव टालने की मांग करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनडीए के दूसरे प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव को लेकर अभी कोई अधिकृत बयान नहीं दिया है।

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वैसे भाजपा नेता यह बात कहते रहे हैं कि विधानसभा चुनाव को लेकर अंतिम फैसला चुनाव आयोग को करना है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल राजद ने भी राज्य में विधानसभा चुनाव टालने की मांग की है। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य में कोरोना की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए आयोग से चुनाव को टालने की मांग की है। उनका कहना है कि लाशों के ढेर पर चुनाव कराना गलत होगा। इस बीच चुनाव आयोग इस मुद्दे पर सभी दलों की राय जानने की कोशिश में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि सभी दलों से राय मशविरा करने के बाद ही आयोग की ओर से कोई अंतिम फैसला किया जाएगा।

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