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कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाएगी ये वैक्सीन, भारत में शुरू होगा ट्रायल

पोस्टग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) चंडीगढ़ में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए एक वैक्सीन बनाई गयी है। इस वैक्सीन का नाम है, 'द माइकोबैक्टीरियम डब्ल्यू (Mw) वैक्सीन'।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 27 April 2020 4:23 AM GMT

कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाएगी ये वैक्सीन, भारत में शुरू होगा ट्रायल
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चंडीगढ़: कोरोना वायरस से बचाने के लिए दुनिया भर के देश वैक्सीन और दवाओं को बनाने में लगे हुए हैं। इसी बीच भारत में संक्रमित मरीजों के लिए एक दवा का ट्रायल भी शुरू होने जा रहा है। कोरोना मरीजों की इस दवा का ट्रायल एम्स दिल्ली और एम्स भोपाल में किया जाएगा।

PGI चंडीगढ़ में तैयार हुई कोरोना मरीजों के लिए दवा

दरअसल, पोस्टग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) चंडीगढ़ में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए एक वैक्सीन बनाई गयी है। इस वैक्सीन का नाम है, 'द माइकोबैक्टीरियम डब्ल्यू (Mw) वैक्सीन'। हालाँकि मेडिकल साइंस की भाषा में इसे वैक्सन नहीं बल्कि एक सहायक दवा कहा जा सकता है। ये दवा शरीर में होने वाली सेप्सिस को रोकती है।

जानें, द माइकोबैक्टीरियम डब्ल्यू (Mw) वैक्सीन के बारे में

इस दवा के बारे में बताते हुए पीजीआई के प्रवक्ता ने कहा कि Mw वैक्सीन को लेकर पहले से एक स्टडी चल रही थी। अब पीजीआई प्रबंधन ने इसके ट्रायल का फैसला लिया है। ऐसे में इन दिनों बढ़ी महामारी को देखते हुए इस दवा को कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाएगा।

इन्हे दी जायेगी दवा:

बताया जा रहा है कि इस दवा को ICU में भर्ती कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि कोरोना वायरस की वजह से उनके शरीर में गंभीर स्तर का सेप्सिस न हो।

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कोरोना मरीजों की मौत की वजह साइटोकाइन स्टॉर्म, जानें क्या है-

वैज्ञानकों के मुताबिक, कोरोना मरीजों की मौत की वजह साइटोकाइन स्टॉर्म होती है। बता दें कि साइटोकाइन स्टॉर्म का मतलब है कि जब रोगी के शरीर का इम्यून सिस्टम खुद ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगे। ऐसे में इसके कारण सेप्सिस, मल्टीऑर्गन फेल्योर जैसी परेशानी हों लगती है और आखिर में मरीज की मौत हो जाती है। शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म को रोकने में Mw वैक्सीन काम करेगी।

साइटोकाइन स्टॉर्म को रोकेगी Mw वैक्सीन:

स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों को पता चला कि Mw वैक्सीन मरीज के शरीर में होने वाला सेप्सिस, मल्टीऑर्गन फेल्योर, साइटोकाइन स्टॉर्म को कम कर सकता है। ऐसे में कोरोना वायरस से गंभीर बीमार मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

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गौरतलब है कि Mw वैक्सीन लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग के इलाज के लिए आमतौर पर इतेमाल की जाती है।ये दवा रोगी की प्रतिरोधक कोशिकाओं को शरीर फैले वायरस से लड़ने में मदद करती है और इम्यून सिस्टम को कंट्रोल करती है।

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