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सरकार का क्यों है निजीकरण पर जोर, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस बजट ने भारत को फिर से High Growth Trajectory(उच्च विकास पथ) पर ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप सामने रखा है। बजट में भारत के विकास में प्राइवेट सेक्टर की मज़बूत पार्टनरशिप पर भी फोकस किया गया है।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 24 Feb 2021 2:19 PM GMT

सरकार का क्यों है निजीकरण पर जोर, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया
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पीएम मोदी ने बजट में निजीकरण से संबंधित घोषणाओं पर अहम बात की है। प्रधानमंत्री ने यह समझाने की कोशिश की कि निजीकरण क्यों जरूरी है।
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को निजीकरण के मुद्दे पर एक वेबिनार को संबोधित किया। इसमें पीएम मोदी ने बजट में निजीकरण से संबंधित घोषणाओं पर अहम बात की है। प्रधानमंत्री ने यह समझाने की कोशिश की कि निजीकरण क्यों जरूरी है और बहुत सारी पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज से सरकार को और देश को क्या नुकसान हो रहा है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस बजट ने भारत को फिर से High Growth Trajectory(उच्च विकास पथ) पर ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप सामने रखा है। बजट में भारत के विकास में प्राइवेट सेक्टर की मज़बूत पार्टनरशिप पर भी फोकस किया गया है। इस बार बजट से पहले आपमें से अनेक साथियों से विस्तार से बात हुई थी। इस बजट ने भारत को फिर से हाई ग्रोथ ट्रेजेक्ट्री पर ले जाने के लिए स्पष्ट रोड मैप सामने रखा है। बजट में भारत के विकास में प्राइवेट सेक्टर के मजबूत योगदान पर भी फोकस है।

उद्यमों-व्यापारों को पूरा समर्थन देना सरकार का दायित्व

पीएम मोदी कहा कि ये सरकार का दायित्व है कि वो देश के उद्यमों-व्यापारों को पूरा समर्थन दे। लेकिन, सरकार खुद उद्यम चलाए, उसकी मालिक बनी रहे, यह आवश्यक नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा, इसीलिए मैं कहता हूं कि सरकार का व्यापार में रहने का कोई व्यापार नहीं है। हमारा प्रयास, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ उनके जीवन में सरकार के बेवजह के दखल को भी कम करना है।



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उन्होंने कहा कि जब देश में पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइज शुरू किए गए थे तब समय अलग था और देश की जरूरतें भी अलग थी। आज जब हम ये सुधार कर रहे हैं तो हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो। हमारी सरकार का प्रयास, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ ही, लोगों के जीवन में सरकार के बेवजह के दखल को भी कम करना है। यानि जीवन में न सरकार का अभाव हो, न सरकार का प्रभाव हो।

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प्राइवेट सेक्टर अपने साथ निवेश भी लाता है

पीएम ने कहा कि सरकार 'मुद्रीकरण और आधुनिकीकरण' के मंत्र के सथ आगे बढ़ रही है। जब सरकार मुद्रीकरण करती है तो उस स्थान को देश का प्राइवेट सेक्टर बढ़ता है। प्राइवेट सेक्टर अपने साथ निवेश भी लाता है और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाएं भी लाता है। आज जब हमारी सरकार पूरे कमिटमेंट के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रही है तो इससे जुड़ी नीतियों का Implementation(कार्यान्वयन) उतना ही अधिक है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए Competition(प्रतिस्पर्धा) सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रक्रियाएं सही रहीं, policy stable( नीति स्थिर) रहे ये बहुत आवश्यक है।

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उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में हमारी सरकार ने भारत को बिजनेस के लिए एक अहम डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर रिफॉर्म्स किए हैं। आज भारत वन मार्केट-वन टैक्स सिस्टम से युक्त है। आज भारत में कंपनियों के लिए एंट्री और एग्जिट के लिए बेहतरीन माध्यम उपलब्ध हैं। दुनिया के सबसे बड़े युवा देश की ये अपेक्षाएं सिर्फ सरकार से ही नहीं हैं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर से भी उतनी ही हैं। ये Aspirations (आकांक्षाओं), Business(व्यापार) की एक बहुत बड़ी Opportunity(अवसर) लेकर आई हैं। आइए, हम सभी इन अवसरों का उपयोग करें।

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