सऊदी अरामको और रिलायंस ने की अब तक की सबसे बड़ी डील, जानकर चौक जाएंगे

सऊदी अरामको और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने आज रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स सहित तेल की बिक्री कारोबार में प्रस्तावित निवेश के लिए ऑयल टू कैमिकल्स (ओ2सी) डिवीजन में निवेश के संबंध में एक गैर-बाध्यकारी पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की है।

मुंबई: सऊदी अरामको और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने आज रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स सहित तेल की बिक्री कारोबार में प्रस्तावित निवेश के लिए ऑयल टू कैमिकल्स (ओ2सी) डिवीजन में निवेश के संबंध में एक गैर-बाध्यकारी पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की है। इस डील का एग्रीमेंट 75 अरब डॉलर (5 लाख 32 हजार 466 करोड़ रुपए) के वैल्यूएशन पर हुआ है। रिलायंस के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने कंपनी की 42वीं एजीएम में सोमवार को यह जानकारी दी। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा।

सऊदी अरामको और आरआईएल के बीच लंबे समय से कच्चे तेल की आपूर्ति का संबंध 25 वर्षों से अधिक है। सऊदी अरामको कच्चे तेल का दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे कम लागत-प्रति बैरल उत्पादक है, भौगोलिक रूप से भारत के करीब है, और कच्चे तेल की आपूर्ति विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। आज तक इसने आरआईएल की रिफाइनरी के लिए जामनगर में प्रसंस्करण के लिए लगभग 2 बिलियन बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति की है।

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आरआईएल की जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक रिफाइनरी है, जिसमें कई विनिर्माण सुविधाओं के साथ रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल गतिविधियों का गहन एकीकरण है। प्रस्तावित निवेश से सऊदी अरामको को लंबी अवधि के आधार पर जामनगर रिफाइनरी को 500 केबीपीडी की आपूर्ति करने का मौका मिलेगा।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि हमारे ऑयल टू कैमिकल्स डिवीजन में संभावित निवेशक के रूप में दुनिया के सबसे बड़े व्यावसायिक उद्यमों में से एक, सऊदी अरामको का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। सऊदी अरामको के साथ हमारे लंबे समय से कच्चे तेल की आपूर्ति के संबंध हैं और हमें इस निवेश के साथ और मजबूत होते हुए देखकर खुशी होगी। सऊदी अरामको की रुचि हमारी संपत्ति और परिचालन की गुणवत्ता के साथ-साथ भारत की क्षमताओं का एक मजबूत समर्थन है।गैर-बाध्यकारी एलओआई के तहत, प्रस्तावित निवेश उचित नियामकों के तहत है, और निष्पादित निश्चित समझौता नियामक और अन्य प्रक्रियागत अनुमोदन के अधीन होगा। एक निश्चित समझौते को लागू होने के बाद दोनों कंपनियां इसकी घोषणा करेंगी।

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सऊदी अरामको और रिलायंस ने की अब तक सबसे बड़ी डील, जानकर चौक जाएंगे आप

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) 622,809 करोड़ रुपए ($90.1 बिलियन डॉलर) के कुल टर्नओवर के साथ भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है। आरआईएल का 31 मार्च, 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में नकद लाभ 64,478 करोड़ रुपए ($9.3 बिलियन डॉलर) और शुद्ध लाभ 39,588 करोड़ रुपए (5.7 बिलियन डॉलर) रहा। आरआईएल हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन, पेट्रोलियम शोधन और विपणन,पेट्रोकेमिकल, खुदरा और डिजिटल सेवाएं के कारोबार में सक्रिय है।