राज्यपाल से मिले शिवसेना नेता संजय राउत, दिया ये बड़ा बयान

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सासंद संजय राउत ने शनिवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद संजय राउत ने इस भेंट के बाद मीडिया से कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के बीच पिता और पुत्र जैसा संबंध है।

मुंबई: शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सासंद संजय राउत ने शनिवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद संजय राउत ने इस भेंट के बाद मीडिया से कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के बीच पिता और पुत्र जैसा संबंध है। तो वहीं राजभवन ने एक बयान में शिवसेना सांसद और राज्यपाल के बीच की मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया।

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कोविड-19 संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार की तैयारियों का आकलन करने के लिए राज्यपाल की तरफ से बुलाई बैठक में नहीं गए थे।

यह भी पढ़ें…अब कोई नहीं रहेगा प्यासा, DM बोले- ”जल जीवन मिशन” के तहत हर घर पहुंचेगा पानी

बता दें कि शिवसेना संभवत: विपक्षी बीजेपी नेताओं के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने और यह शिकायत करने से नाराज थी कि राज्य सरकार इस वायरस को फैलने से रोकने में कथित रूप से विफल रही है।

राउत ने कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच कोई टकराव नहीं था। उनके संबंध पिता और पुत्र की तरह हैं और वे इसी तरह बने रहेंगे। मुलाकात के बाद में राजभवन ने एक फोटो ट्वीट किया जिसमें संजय राउत राज्यपाल के सामने हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं।

यह भी पढ़ें…अल्फान तूफान से बचाएगी सेना: हालात इतने खराब, CM ममता को मांगनी पड़ी मदद

ट्वीट के बाद संजय राऊत ने दिया जवाब

संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि ठीक है, बी के कोश्यारी मुझसे बड़े हैं, इसलिए यह नमस्कार। वैसे, हमारी अच्छी बातचीत हुई, मैंने उनसे चिंता नहीं करने को कहा, क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हमारी एमवीए सरकार अच्छी तरह चल रही है।

यह भी पढ़ें…गलती पड़ेगी भारी: नियमो की उड़ रहीं धज्जियां, ईद के कारण बाजारों में उमड़ा सैलाब

गौरतलब है कि शिवसेना और राजभवन के बीच का संबंध राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था, क्योंकि कोश्यारी राज्य मंत्रिमंडल की दो सिफारिशों को दबाकर बैठ गए थे। उनमें से एक में कोश्यारी से शिवसेना प्रमुख ठाकरे को राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के लिए नामित करने का आग्रह किया गया था।