×

यहां देखें करतारपुर कॉरिडोर का पहला सीन, है जबरदस्त तैयारी

पीएम मोदी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर के भारतीय हिस्से का उद्घाटन करेंगे। वहीं पाकिस्तान भी इसी दिन 9 नवंबर को करतारपुर के अपने हिस्से का उद्घाटन कर देगा।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 25 Oct 2019 5:42 AM GMT

यहां देखें करतारपुर कॉरिडोर का पहला सीन, है जबरदस्त तैयारी
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने करतारपुर कॉरिडोर का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को देखने के बाद लग रहा है कि पाकिस्तान में कॉरिडोर की तैयारियां जोरों पर है। फिलहाल ये वीडियो रवीना टंडन के किसी फ्रैंड ने दिया है।

गौरतलब है कि करतारपुर कॉरिडोर के लिए अब तीर्थयात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरु हो गया है। श्रद्धालु केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए वेबसाइट के जरिए अपना ऑनलाइल फॉर्म भर सकते हैं। पीएम मोदी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर के भारतीय हिस्से का उद्घाटन करेंगे। वहीं पाकिस्तान भी इसी दिन 9 नवंबर को करतारपुर के अपने हिस्से का उद्घाटन कर देगा। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयन्ती के लिए पहला जत्था 5 नवंबर को और दूसरा जत्था 6 नवंबर को यात्रा के लिए जाएगा।

31 तक पूरा होगा निर्माण कार्य-

वहीं करतारपुर साहिब दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पास वीजा का होना जरुरी नहीं होगा, दर्शन के लिए केवल पासपोर्ट ही काफी होगा। लैंड पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एलपीआई) के अध्यक्ष गोविंद मोहान ने बताया कि, 4.2 किलोमीटर लंबे इस कोरिडोर का निर्माण गुरु नानक जयंती के एक सप्ताह पहले 31 अक्टूबर तक हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: कमलेश मर्डर-पाकिस्तानी कनेक्शन! ये रहा सबूत, अब जांच शुरू

दर्शन करके उसी दिन लौटना होगा वापस-

एलपीआई प्रमुख ने बताया कि 5 हजार श्रद्धालु हर दिन गुरुद्वारा जा सकते हैं और उनको उसी दिन वापस आना होगा। मोहन ने कहा कि श्रद्धालुओं को भारतीय सीमा पार करने वाले दिन ही करतारपुर कॉरिडोर का दर्शन करके वापस आना होगा।

गुरुनानक देव ने बिताए थे 18 साल-

बता दें कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित है। जो कि लाहौर से करीब 125 किलोमीटर दूर पर है। इस गुरुद्वारे का सिखों के लिए काफी महत्व है क्योंकि गुरुनानक देव ने अपने जिंदगी के 18 साल और अंतिम समय यहीं पर बिताया था।

यह भी पढ़ें: जैश-ए-मोहम्मद का दिल्ली पर बड़ा हमला! दहल जाएंगी 400 से ज्यादा इमारतें

Shivakant Shukla

Shivakant Shukla

Next Story